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300 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने के बाद भी आउट होते ही क्यों रोने लगते हैं वैभव सूर्यवंशी? पोस्ट प्रेजेंटेशन में कहा- अगर मैं...

300 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने के बाद भी आउट होते ही क्यों रोने लगते हैं वैभव सूर्यवंशी? पोस्ट प्रेजेंटेशन में कहा- अगर मैं...

पोस्ट मैच प्रजेंटेशन के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि मैं हमेशा आउट होने के बाद अपने आप से इसलिए निराश रहता हूं। क्योंकि मुझे पता रहता है कि अगर मैं मैदान पर होता तो टीम को ज्यादा फायदा होता।उन्होंने कहा कि अगर हमारी टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है तो आउट होने के बाद लगता है कि अभी आउट नहीं होता तो टीम के हित में 20 रन अधिक जुड़ जाते और एक बड़ा टोटल खड़ा होता। जबकि, अगर टीम पीछे बल्लेबाजी कर रही है यानी चेज कर रही है तब आउट होने के बाद लगता है कि अभी आउट नहीं होता तो मैच दो ओवर पहले खत्म हो जाता।

अच्छी पारी खेलने के बाद अक्सर अपसेट नजर आते हैं वैभव

आईपीएल 2026 के 16वें मुकाबले में आरसीबी के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 8 चौके और 7 छक्के की मदद से 26 गेंदों में 300 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए 78 रनों की पारी खेली और मुकाबले को पूरी तरह से एक तरफा कर दिया। 78 रनों के स्कोर पर उन्हें क्रुणाल पांड्या ने आउट कर दिया तब वे काफी मायूस दिखे। इससे पिछले मुकाबले में जब मुंबई इंडियंस के खिलाफ 14 गेंदों में 39 रनों की पारी खेलकर वे पवेलियन लौटे थे तब भी काफी मायूस नजर आए थे। सीएसके के खिलाफ ताबड़तोड़ पारी खेलने के बाद भी यही नजारा देखने को मिला था। यहां तक कि जब पिछले साल वैभव ने अपना पहला शतक जड़ा था तब भी वे आउट होने के बाद काफी निराश नजर आए थे। अब एक पैटर्न सा बन गया है कि सूर्यवंशी आउट होने के बाद चाहे कितनी भी अच्छी पारी खेल लें, निराश ही नजर आते हैं और कई बार तो ऐसा लगता है कि उनकी आंखों में आंसू निकल आए हैं और वे रो रहे हैं।
क्यों होते हैं अपसेट, खुद बता दिया कारण

आज के मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड जीतने के बाद जब ऑरेंज कैप के साथ वैभव सूर्यवंशी पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में गए तब उनसे मु्रली कार्तिक ने पूछा कि आप इतनी बेहतरीन पारी खेलने के बाद अक्सर मायूस क्यों पवेलियन लौटते हैं। इस सवाल के जवाब में वैभव सू्र्यवंशी ने जो बताया इससे उनकी सोच का पता चलता है कि यह युवा प्रतिभा कभी भी संतुष्ट नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा- "क्योंकि अगर मैं विकेट पर रहूं तो 10-20 रन या टारगेट हम चेज कर रहे हैं तो 2 ओवर पहले खत्म हो सकता है मैच। तो उसका यह अफसोस रहता है कि अगर मैं लूज शॉट खेलकर आउट हो रहा हूं जिससे टीम को माइनस जा रहा है तो मुझे दुख होता है और थोड़ा सा अपसेट हो जाता हूं कि और लंबा खेल सकता था।"