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महाराष्ट्र डेथ ट्रेजेडी :दोपहर स्कूल में नाचे 6 बच्चे, आधी रात को सभी की हो गई मौत; कुल 9 मौतों की क्या वजह, जानें...

महाराष्ट्र डेथ ट्रेजेडी :दोपहर स्कूल में नाचे 6 बच्चे, आधी रात को सभी की हो गई मौत; कुल 9 मौतों की क्या वजह, जानें...

अपने स्कूल के सालाना दिवस में डांस कर रहे 6 बच्चों को क्या पता था कि वह उनके जीवन का आखिरी दिन है। दोपहर में आयोजन में भाग लेने का बाद वह मध्य रात्रि में हुए एक दर्दनाक हादसे में दुनिया से विदा हो गए। महाराष्ट्र के नासिक से करीब 20 किमी दूर डिंडोरी में हुए इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है। सबसे दुखद पहलू है कि ये सभी सदस्य एक ही परिवार के थे।

कैसे हुआ हादसा

मीडिया को एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग इलाके में एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार कार्यक्रम स्थल के पास ही स्थित एक कुएं में गिर गई। अधिकारी ने यह भी बताया कि ये सभी लोग डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार के सदस्य थे।

इंदौर का रहने वाला दरगोडे परिवार अपनी अर्टिगा कार से इस कार्यक्रम में शामिल होने आया था। रात करीब 10:00 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब परिवार वापस घर के लिए निकला, तो मैरिज हॉल से कुछ ही दूरी पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। इसके चलते कार सड़क किनारे पानी से लबालब भरे एक कुएं में जा गिरी।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर पंचायत के अग्निशमन दल और पुलिस मौके पर पहुंचे। कुआं पूरी तरह पानी से भरा होने और रात का समय होने के कारण शुरुआती बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, क्रेन और आपदा प्रबंधन टीम के अथक प्रयासों के बाद कार और शवों को कुएं से बाहर निकाला गया।

9 लोगों की मौत

इस हादसे में 32 साल के सुनील दत्तु दरगुडे, पत्नी रेशमा, उनकी रिश्तेदार आशा की मौत हो गई है। साथ ही चौथी कक्षा में पढ़ने वाली सुनील और रेशमा की बेटी राखी, अनिल दरगुडे और आशा की बेटी श्रद्धा, श्रावणी, कक्षा 8 में पढ़ने वाली श्रृष्टि और कक्षा 1 की छात्रा समृद्धि की भी मौत हो गई। शवों को डिंडोरी के सरकारी अस्पताल में लाया गया है और मामला दर्ज कर लिया गया।

मौत की क्या हैं वजहें

जिस कुएं में गिरकर दरगुडे परिवार के 9 सदस्यों की मौत हुई, वह महज कुछ फीट ऊंची बाउंड्री से ढका हुआ था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस असुरक्षित पुल के होने के कई कारण हैं जिनमें कृषि खेती का नॉन एग्रीकल्चरल लैंड में बदलना, जमीन के मालिक और नगर पंचायत के बीच विवाद, नई कॉन्क्रीट रोड और लापरवाही शामिल हैं।

कुएं के पास बने बंगले में रहने वालीं पूजा गडवे ने मीडिया को बताया, 'शुरुआत में वहां ज्यादा गाड़ियां नहीं जाती थीं क्योंकि सड़क पक्की नहीं थी और स्थानीय लोग जानते थे कि वहां एक कुआं है। उस समय वह ढका हुआ भी था और उसकी बाउंड्री भी ऊंची थी।'

रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासी प्रमोद जांगम ने बताया कि जब इलाके में राजे बैंक्वेट हॉल जैसी सुविधाएं बनीं, तो करीब चार-पांच साल पहले एक पक्की सड़क बनाई गई थी ताकि पीछे से निकलने का रास्ता और पार्किंग मिल सके। इस हॉल के मालिक आरोपी राजेंद्र राजे हैं, और वह कुआं भी उन्हीं का है।

डिंडोरी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, 'नगर पंचायत उस कुएं को बंद करना चाहती थी क्योंकि वह अब एनए (गैर कृषि) भूमि बन चुकी थी, लेकिन राजे ने इसके खिलाफ अपील की और कहा कि उनकी वहां अभी भी खेती है। तब से यह विवाद लंबित है और स्थिति वैसी ही बनी हुई है।'