बरेली में भ्रष्टाचार पर चला 'बाबा का बुलडोजर': 98 लाख ₹ का नाला तुड़वाया, ठेकेदार पर लगा भारी जुर्माना...
बरेली। शहर के कर्मचारी नगर में निर्माण विभाग के अभियंताओं की लापरवाही के चलते मानक विहीन बन रहे नाले को नगर आयुक्त ने तोड़वा दिया। इसके बाद फिर से नए सिरे से नाले का निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था
मैसर्स स्पंदना अग्रवाल पर दो लाख का जुर्माना लगाने के साथ अवर अभियंता अनुराग कमल को प्रतिकूल प्रविष्टि व सहायक अभियंता मूलचंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बीते माह नगर आयुक्त ने अलग-अलग क्षेत्रों में सड़क-नाले की गुणवत्ता की जांच को 21 नमूनों की अपने सामने लैब में जांच कराई थी।
इसमें 11 एजेंसियों के नमूने फेल पाए गए थे। वार्ड-29 रहपुरा चौधरी स्थित सांई धर्मकांटे से सड़क के दोनों ओर लिमरा प्लाईबोर्ड से जगदीप चिकारा के मकान तक नाला निर्माण कार्य का स्थल का निरीक्षण किया गया। 15वें वित्त आयोग से 97.93 लाख से निर्माण की जिम्मेदारी मैसर्स स्पंदना अग्रवाल को दी गई है।
कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क के किनारे आरसीसी नाले का निर्माण प्रारंभ किया गया है, जिसमें 75 मी. आरसीसी नाले का निर्माण हो चुका है और 100 मी. में खोदाई के साथ-साथ कार्य प्रगति पर है। आरोप है कि, अनियोजित तरीके से फर्म द्वारा खोदाई की गयी और कोई भी सुरक्षा मानक जैसे-बैरिकेटिंग, साइनेज आदि का उपयोग नही किया गया।
इससे कोई भी अप्रिय घटना की आशंका बनी है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि, 70 मी सरिये का जाल बांध दिया गया है, जिसे मिटटी के ऊपर रखकर आरसीसी का कार्य कराया जा रहा है। जबकि कार्य के बीओक्यू में पीसीसी का प्रविधान किया गया था।
जो कार्य संबंधित ठेकेदार द्वारा न कराते हुये सीधे सीसी का कार्य बिना शटरिंग और बिना बैरिकेटिंग के अनियोजित तरीके से कराया जा रहा था। फर्म द्वारा 70 मी अधोमानक और अनियोजित निर्माण करा लिया गया और वर्तमान में भी कार्य कराया जा रहा था।
स्थल पर पूर्व में कराये गये निर्माण और वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य को बैकहोलोडर (बुलडोजर) द्वारा तत्काल हटवा दिया गया है। साथ ही संबंधित ठेकेदार मैसर्स स्पंदना अग्रवाल के विरूद्ध दो लाख का जुर्माना लगाने को कारण बताओ नोटिस और अवर अभियंता अनुराग कमल को प्रतिकूल प्रविष्टि एवं सहायक अभियंता मूलचंद्र को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिये गये।