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वाराणसी में पीएम मोदी की 'नारी शक्ति': महिला आरक्षण बिल पर मचे हंगामे के बीच है बड़ा दांव खेलने की तैयारी...

वाराणसी में पीएम मोदी की 'नारी शक्ति': महिला आरक्षण बिल पर मचे हंगामे के बीच है बड़ा दांव खेलने की तैयारी...

वाराणसी, पीएम न्यूज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। पीएम का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह यहां एक विशाल महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह दौरा ठीक उस वक्त हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग होने वाली है। बीजेपी ने पीएम के स्वागत और इस सम्मेलन के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। रविवार को काशी यूनिट की विशेष बैठक में तैयारियों का अंतिम जायजा लिया गया।

महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद पहली बार हुंकार

प्रधानमंत्री का यह वाराणसी दौरा सियासी रूप से काफी गर्म रहने वाला है। हाल ही में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया, जिसके लिए केंद्र सरकार सीधे तौर पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है। काशी में होने वाला यह महिला सम्मेलन इसी 'हार' और विपक्ष के कथित 'अड़ंगे' के खिलाफ एक जवाब के रूप में देखा जा रहा है। सरकार इस मंच से जनता को बताएगी कि आखिर महिलाओं के हक में लाए गए इस बिल को किसने और क्यों रोका।

क्या है पीएम मोदी के दौरे का पूरा प्लान?

ताजा जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को वाराणसी पहुंचेंगे। यहां वह बीजेपी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीजेपी ने इसमें 50 हजार से ज्यादा महिलाओं को जुटाने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी इस मंच से विपक्ष पर निशाना साध सकते हैं कि कैसे महिलाओं से उनके अधिकार छीनने की कोशिश की गई।

आखिर क्यों और कैसे गिर गया लोकसभा में बिल?

गौरतलब है कि सरकार ने साल 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33% आरक्षण देने के मकसद से विशेष सत्र में तीन बिल पेश किए थे। इनमें से संविधान संशोधन बिल को पास कराने के लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की जरूरत थी।

वोटिंग के दौरान कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। बहुमत का आंकड़ा न छू पाने के कारण यह बिल महज 54 वोटों के अंतर से गिर गया। अगर यह बिल पास हो जाता, तो लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जातीं और परिसीमन पर लगी रोक भी हट जाती। लेकिन बिल गिरने की वजह से अब 2029 के चुनावों में महिलाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा। 

हालांकि, सितंबर 2023 में पास हुआ 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' अपनी जगह कायम है, लेकिन ताजा संशोधन बिल के फेल होने से चुनावी समीकरण बदल गए हैं।