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गांव का दौरा करने गए थे कलेक्टर खटिया में ही पूरी रात सोते रहे, साथ थे कई अधिकारी, सुबह ग्रामीणों ने देखा तो होने लगी तारीफ...

गांव का दौरा करने गए थे कलेक्टर खटिया में ही पूरी रात सोते रहे, साथ थे कई अधिकारी, सुबह ग्रामीणों ने देखा तो होने लगी तारीफ...

मप्र दतिया। मध्यप्रदेश में अधिकारियों की कार्यशैली अब बदलती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 'गांवों में रात्रि विश्राम' के सख्त निर्देशों का जमीन पर असर दिखने लगा है। ताजा मामला दतिया जिले का है, जहां कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एएसपी सूरज वर्मा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में जिले के दोनों बड़े अधिकारी किसी आलीशान बंगले के बजाय गांव में कुएं के किनारे खाट (खटिया) पर सोते हुए नजर आ रहे हैं।

क्या है वायरल फोटो में?

वायरल तस्वीर सुबह करीब 6 बजे की है, जिसमें कलेक्टर और एएसपी गांव में एक कुएं के पास खटिया (खाट) पर सोते हुए नजर आ रहे हैं। अधिकारियों का यह देसी और सादगी भरा अंदाज ग्रामीणों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स को भी खूब भा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गांव में रात बिताने का मकसद ग्रामीण जीवनशैली को समझना और योजनाओं का जमीनी फीडबैक लेना है।

लोगों के चहेते अधिकारी हैं कलेक्टर वानखेड़े

* अपनी सहज कार्यशैली के पहचाने जाते हैं आईएएस वानखेड़े।
* जनसुनवाई में लोगों से सहज भाव से बात कर दिल जीत लेते हैं।
* सीएम के विलेज स्टे निर्देश, कलेक्टर गांव में रूके।
* बीकरी गांव में लगाई चौपाल, ग्रामीणों के बीच रहे।
* गांव में भोजन, वहीं ग्रामीणों से चर्चा करते रहे।
* रात में कुएं के बाजू में खाट पर अधिकारी सो गए।
* उनका खाट पर सोते हुए फोटो वायरल हो रहा है।

आम आदमी की तरह भोजन, बच्चों को गोद में उठाया

दरअसल दतिया मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर बीकर गांव है। यहां शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात दोनों अधिकारियों कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और ASP सूरज वर्मा ने ग्रामीणों के बीच गुजारी। यह ठहराव केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवनशैली को समझने और लोगों की समस्याओं को ग्राउंड जीरो पर सुनने का प्रयास था। इसके पूर्व शाम से देर रात तक दोनों अधिकारी अपने प्रशासनिक अमले के साथ गांव में पहुंचे थे। 

यहां ग्रामीणों के साथ भोजन किया। लोगों से सहजभाव से मिले, उनकी समस्याएं सुनी, अधिकारियों को समस्याएं सुलझाने के निर्देश दिए। कलेक्टर वानखेड़े यहां एक बच्चे को गोद में उठाए भी नजर आ रहे थे। रात को गांव में चौपाल लगाई थी। फिर देर रात खुले आसमान के नीचे, कूलर लगाकर खाट पर सो गए। अधिकारियों की सादगी ने हर किसी को प्रभावित किया है। किसी ग्रामीण ने इस सुकून भरे पल को कैमरे में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर सुर्खियां बटोर रहा है।

सीधे जनसंवाद के लिए फेमस है

बता दें कि एमपी के दतिया में पदस्थ कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े अपनी सादगी और जनता से सीधे संवाद के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी उनके 'जनसुनवाई' के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जहां वे आम आदमी की तरह लोगों की समस्याएं सुनते नजर आए थे।