यूपी में आज फिर आंधी-बारिश के साथ गिरेंगे ओले, इन जिलों में अगले तीन घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, येलो अलर्ट जारी...
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है। कल यानी बुधवार को हुई आंधी बारिश और ओलावृष्टि की तरह आज फिर गुरूवार को उसी तरह का बदलाव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन घंटों के में आंधी और बारिश के साथ ओला गिरने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रयागराज, कानपुर और चित्रकूट समेत कई जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार मौसम में परिवर्तन से प्रदेश के मध्यवर्ती व पूर्वांचल के इलाकों में तापमान में 24 घण्टों के दौरान 2-4 डिग्री की गिरावट आएगी। मई के आरम्भिक 2-3 दिनों के दौरान तापमान फिर 3-5 डिग्री बढ़ेगा। इसके बाद 4-5 मई को अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रादेशिक वर्षा में फिर से बढ़ोतरी होगी।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों में यहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चल सकती है। प्रयागराज, संत रविदास नगर, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, बांदा, कौशाम्बी, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव और औरैया में ओलावृष्टि की आशंका जताई है।
पूर्वांचल में सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर में हल्की बारिश और गरज-चमक का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। कुछ जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ मध्यम वर्षा और ओले गिरने की चेतावनी दी गई है। यहां 30-40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
पश्चिमी यूपी में इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, मुरादाबाद, रामपुर के साथ ही लखनऊ, कन्नौज और आसपास के क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है।मौसम विभाग ने 'Warning Area' मैप के जरिए लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
कई जगह गिरे ओले, पेड़ टूटने से कहीं सड़क मार्ग बाधित हुआ तो कई ट्रेनें रुकीं
इससे पहले बुधवार को भी मौसम ने लोगों को परेशान किया। पश्चिमी विक्षोभ और सूबे के पूर्वी हिस्से के ऊपर हवा की चक्रवाती परिस्थितियों से कई जिलों में आंधी-बारिश ने कहर बरपाया। इससे प्रदेश में 14 लोगों की जान चली गई। इनमें से चार लोगों की जान पूर्वांचल और एक की प्रयागराज में गई। अवध क्षेत्र के अलग-अलग जिलों में नौ लोगों की मौत हो गई। साथ ही प्रदेश के कई जिलों में कहीं पेड़ टूटने से सड़क मार्ग बाधित हुआ तो कहीं ट्रेनें रुक गईं। तार और खंभे टूटने से बिजली व्यवस्था तार-तार हो गई। दूसरी ओर तपिश का सिलसिला भी दक्षिण के जिलों में जारी रहा।