ससुर का बर्थडे..घर के बाहर जुटे फैंस, सेलिब्रेशन को बालकनी में खड़े होकर देखती रहीं सचिन की बहू सानिया...
महाराष्ट्र राज्य ब्यूरो। मुंबई की हवा में आज एक अलग ही उत्साह था. बांद्रा की सड़कों पर सुबह से ही भीड़ जुटने लगी थी, और 'पेरी क्रॉस रोड' पर स्थित 'मन्नत' के पास वाले बंगले 'आशियाना' के बाहर का नजारा किसी त्यौहार जैसा था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर आज 53 वर्ष के हो गए।
सूरज ढलने को था, लेकिन फैंस का जोश कम होने का नाम नहीं ले रहा था. घर की ऊपरी बालकनी की रेलिंग को थामे सानिया चंडोक नीचे का दृश्य देख रही थीं. नीचे मैदान में हजारों की संख्या में फैंस हाथों में तख्तियां, केक और सचिन की तस्वीरें लिए अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने को बेताब थे।
घर के भीतर का माहौल बाहर के शोर से बिल्कुल विपरीत, शांत और भावुक था. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपना यह विशेष दिन अपनी पत्नी अंजलि तेंदुलकर, अपनी पूज्नीय माताजी और अपनी बहू सानिया के साथ मनाया। सचिन के लिए उनका परिवार हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। ड्राइंग रूम में अपनी मां के हाथों से केक का टुकड़ा खाते हुए सचिन की आंखों में वही पुरानी चमक थी, जो 1989 में पहली बार मैदान पर उतरते वक्त रही होगी।
अंजलि, जो हमेशा की तरह सचिन की सबसे बड़ी संबल रही हैं, मेहमानों और घर के इंतजामों को संभाल रही थीं. सानिया, जो अब तेंदुलकर परिवार के हर सुख-दुख का हिस्सा बन चुकी हैं, अपनी सास अंजलि के साथ मिलकर इस जश्न को यादगार बनाने में जुटी हुई थीं।
सानिया चंडोक बालकनी से फैंस को देखती रहीं
अर्जुन की कमी और बदलता सफर
हालांकि, खुशियों के इस माहौल में एक कमी खल रही थी सचिन के बेटे और सानिया के पति, अर्जुन तेंदुलकर. अर्जुन इस समय आईपीएल खेलने में व्यस्त हैं. इस साल वह लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम का हिस्सा हैं और मैच के सिलसिले में मुंबई से बाहर हैं।
बालकनी से दिखता प्यार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें सानिया चंडोक घर की बालकनी में खड़े होकर नीचे की ओर देख रही हैं. घर के बाद हजारों क संख्या में फैंस एकत्रित थे. इस वीडियो को देखकर लोग तरह तरह के कमेंट करते नजर आए. किसी ने लिखा कि आपके पति कहां हैं तो किसी ने वीडियो के कमेंट में नीचे लिखा कि कितनी खूबसूरत और संस्कारी हैं सचिन की बहू सानिया।
एक नई विरासत
53 साल की उम्र में भी सचिन की फिटनेस और उनकी विनम्रता आज की पीढ़ी के लिए मिसाल है. सानिया चंडोक और अर्जुन तेंदुलकर के लिए यह विरासत एक जिम्मेदारी की तरह है. अर्जुन जहां मैदान पर अपनी पहचान बनाने के लिए पसीना बहा रहे हैं, वहीं सानिया ने तेंदुलकर परिवार की परंपराओं को अपनाकर घर को एक नई ऊर्जा दी है।