कन्फ्यूजन हुआ खत्म?बिहार का अगला CM तय इस नाम पर लगी मुहर, 15 को शपथ की तैयारी..
Bihar Next Chief Minister : बिहार के राजनीतिक गलियारे से महत्वपूर्ण खबर आ रही है। बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। हालांकि अभी ऐलान होना बाकी है। बीजेपी चौंकाने में माहिर है। मगर, "केसरी न्यूज 24 डॉट कॉम" को मिल रही जानकारी के अनुसार, बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अब कोई कन्फ्यूजन नहीं है।
नए सीएम के शपथ की तैयारी शुरू
यहां तक तय हो गया है कि खरमास के बाद यानी 15 तारीख को पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाना है। बता दें कि "केसरी न्यूज 24 डॉट कॉम" ये पहले भी बता चुका है कि 18 तारीख से पहले बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा, इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई है।
PM मोदी भी हो सकते हैं शामिल
अब मिली जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह को बीजेपी व्यापक रूप देने की तैयारी में है। ताकि इस आयोजन के जरिए पूरे प्रदेश को संदेश दिया जा सके। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के भी शामिल होने की संभावना है। शपथ ग्रहण की तैयारी इसी बात को ध्यान में रखकर की जा रही है।
हुआ कंफ्यूजन खत्म?
सूत्रों से मिली जानकारी में यह स्पष्ट कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी है। यह बात उस बातचीत के हवाले से कही जा रही है जिसमें नीतीश कुमार और भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के बीच इशारों में चर्चा हुई। नीतीश कुमार ने पूछा कि बीजेपी अपनी ओर से किस चेहरे पर विचार कर रही है? इस पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से कहा, 'जो आप सोच हैं.' इशारों में हुई इस बातचीत के अनुसार, अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह नाम सम्राट चौधरी का हो सकता है।
क्यों लग रहे कयास?
ऐसा इसलिए क्योंकि बीजेपी सम्राट चौधरी के नाम को लगातार आगे कर रही है। इतना ही नहीं सीएम नीतीश भी सम्राट चौधरी पर भरोसा दिखाते नजर आए हैं। सम्राट चौधरी भी नीतीश कुमार के साथ अच्छी ‘बॉन्डिंग’ बना चुके हैं। नीतीश भी सम्राट चौधरी के साथ सहज हो गए हैं। ऐसे में बीजेपी न तो नीतीश कुमार के खिलाफ जाना चाहेगी और न ही उन्हें चौंकाना चाहेगी। इस बात का पुख्ता प्रमाण मिल रहे हैं कि बीजेपी और जेडीयू के बीच सम्राट चौधरी को ही मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बन गई है।
बिहार से स्टार प्रचारक केवल सम्राट !
इधर, गौर करने वाली बात ये भी है कि बिहार भाजपा की ओर से केवल एक ही नाम बंगाल चुनाव में स्टार प्रचारक बनाया गया है। वह नाम सम्राट चौधरी का है। इसके अलावा मंगल पांडे (Mangal Pandey) बंगाल के प्रभारी हैं और नितिन नवीन (Nitin Nabin) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष। ऐसे में इन दोनों नामों का स्टार प्रचारकों की लिस्ट में होना तय था मगर, सम्राट चौधरी के नाम को शामिल करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BJP ने सोशल मीडिया 'दावेदारों' पर लगाया ब्रेक
इधर, भाजपा के सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार Social Media में पब्लिक को कंफ्यूज करने वाले पोस्ट और 'दावेदारी' पर रोक लगा दी गई है. इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है. सीएम पद के 'दावेदारों' को सख्ती से यह कह दिया गया है कि बीजेपी का कोई भी नेता अपने समर्थकों से खुद को सीएम कैंडिडेट के रूप में प्रोजेक्ट करने वाले पोस्ट न करवाए।
बीजेपी और नीतीश की राजनीति चौंकाने वाली
वैसे बीजेपी का पुराना इतिहास ‘चौंकाने’ वाला रहा है. ऐसे में इन जानकारियों के बावजूद इन्हें पुष्ट तब तक नहीं कहा जा सकता जब तक घोषणा न हो जाए. बिहार के सियासी पंडितों और यहां की राजनीति में भीतर तक पैठ रखने वालों के लिए भी यह टेढ़ी खीर बना हुआ है. पाठकों को बता दें कि एक तरफ नीतीश हैं जो अपनी राजनीतिक दांव से लोगों को चौंकाते रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर बीजेपी है, जो अपने फैसलों से चौंकाती रही है. ऐसे में जब तक घोषणा न हो जाए. तब तक इन्हें कयास ही कहा जाना चाहिए।
सम्राट या कोई और?
हालांकि Nitish Kumar अपनी ओर से समृद्धि यात्रा के दौरान कई बार Samrat Choudhary के कंधे पर हाथ रख चुके हैं. और यह भी कह चुके हैं कि ‘आगे यही सब देखेंगे'. मगर, सूत्रों पर भरोसा तब-तक नहीं होता, जब-तक घोषणा न हो जाए. गौर करने वाली बात ये है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीशा, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में बीजेपी अपने फैसलों से सबको चौंकाती रही है. जिस नाम की कहीं चर्चा नहीं रही थी, उसे अपना CM बनाया है. इसके अलावा असम में Himanta Biswa Sarma भी इस बात के उदाहरण हैं. हेमंता RSS बैकग्राउंड के नहीं हैं, बावजूद वह Aasam के मुख्यमंत्री और देश में भाजपा का सबसे मजबूत चेहरों में से एक हैं।
ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि बिहार के मुख्यमंत्री का चेहरा सम्राट होते हैं या बीजेपी बिहार में भी अपने ‘चौंकाने’ वाले इतिहास को दोहराती है? वैसे मिल रही जानकारी के अनुसार सम्राट के नाम पर एक वरिष्ठ नेता ने हेमंत बिस्वा सरमा का उदाहरण देकर ही सम्राट के नाम को मजबूती दी थी। वैसे अब आगे देखिए, होता है क्या?...।