Sultanganj Ramdhani Encounter: बिहार में 'योगी मॉडल' शुरू? रामधनी यादव के शव को बेटी-बेटे ने गंगा घाट पर जलाई...
बिहार में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मंगलवार दोपहर नगर परिषद कार्यालय में हुई दिनदहाड़े हत्या के महज 12 घंटे बाद बिहार पुलिस ने यूपी के योगी स्टाइल में कड़ा एक्शन लिया.पुलिस ने मुख्य आरोपी रामधनी यादव को तड़के पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया. जबकि उसका दूसरा साथी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ था. वहीं, पोस्टमॉर्टम आने के बाद रामधनी यादव की बॉडी उनकी बेटी प्रियंका कुमारी को सौंप दी गई. जहां नमानी गंगे घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके छोटे बेटे अंकित कुमार ने मुखाग्नि दी।
टेंडर के लिए हुई ईओ की हत्या
बता दें कि मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में 3-5 बदमाशों ने अचानक घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इसमें कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्णा भूषण कुमार को 4 गोलियां मारी गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. जबकि नगर परिषद चेयरमैन राजकुमार गुड्डू (बीजेपी नेता) को भी सिर और सीने में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है. इस पूरे मामले में पुलिस के बताया कि यह हत्या टेंडर को लेकर विवाद के कारण हुई है. जहां आरोपी रामधनी यादव, जो नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन नीलम देवी का पति था, चेयरमैन को हटाने और टेंडर पर कब्जा करने की मंशा से वह कार्यालय पहुंचा था. जब EO कृष्णा भूषण ने विरोध किया तो अपराधियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
रामधनी के घर से 100 मीटर दूर पर हुआ था एनकाउंटर
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ईओ की हत्या में रामधनी यादव की पहचान कर ली. जहां देर रात रामधनी थाने में सरेंडर करने पहुंचा था. जहां पुलिस उसे लेकर हथियार बरामद करने जा रही थी. तभी रामधनी और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की इस जवाबी कार्रवाई में रामधनी के पेट में गोली लगी. यह मुठभेड़ सुल्तानगंज थाने से महज 200 मीटर दूर बाइपास रोड पर हुई, जो रामधनी के घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर थी. लगभग 15 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में DSP नवीन कुमार, इंस्पेक्टर परमेश्वर और इंस्पेक्टर मृत्यंजय घायल हो गए. गोली लगने से रामधनी को मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
ईओ के परिवार को मिली 25 लाख की सहायता
वहीं, पोस्टमॉर्टम के बाद रामधनी यादव की बॉडी उनकी बेटी प्रियंका कुमारी को सौंप दी गई. जहां नमानी गंगे घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके छोटे बेटे अंकित कुमार ने मुखाग्नि दी. मंगलवार को हुई हत्या के लगभग 6 घंटे बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर EO कृष्णा भूषण के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता देने और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने का ऐलान किया. यह घटना बिहार पुलिस की तेज कार्रवाई का उदाहरण बन गई है, जहां हत्या के मात्र 12 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया।