UP: करना था रीढ़ का ऑपरेशन, कर दिया पैर का. BHU के डॉक्टरों की लापरवाही से महिला मरीज की मौत...
वाराणसी ब्यूरो। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां पहचान में भ्रम के कारण एक मरीज की गलत विभाग में सर्जरी कर दी गई। ऑपरेशन के बाद 71 वर्षीय महिला मरीज की मौत हो गई। इस घटना ने अस्पताल के कामकाज और मरीजों के इलाज और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, राधिका नाम की दो महिला मरीज अलग-अलग विभागों न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स में भर्ती थीं. 7 मार्च 2026 को न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती 71 वर्षीय महिला मरीज, जिनकी रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर का ऑपरेशन होना था, उनको गलती से ऑर्थोपेडिक्स ऑपरेशन थिएटर में पहुंचा दिया गया।
बिना पहचान और जांच-पड़ताल के ऑर्थोपेडिक टीम ने मरीज का ऑपरेशन शुरू कर दिया. ऑपरेशन के दौरान जब चिकित्सकों को संबंधित समस्या नहीं मिली, तब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और मरीज को तत्काल न्यूरोसर्जरी वार्ड में स्थानांतरित किया गया।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी मरीज की हालत
गलत सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई. इस दौरान उसे दौरे आना, जबड़े में जकड़न, मुंह में अल्सर और सांस लेने में कठिनाई जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा. 27 मार्च 2026 को मरीज को सांस लेने में गंभीर समस्या हुई और कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट के बाद उसकी मौत हो गई. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही, दुर्व्यवहार और उपचार में देरी का आरोप लगाया है।
पहली जांच कमेटी में आरोपी डॉक्टर का नाम
मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के निदेशक ने पहले तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी, लेकिन उसमें एक खामी सामने आई. बताया गया कि पहली जांच कमेटी में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एक चिकित्सक का नाम शामिल था, जो खुद ऑपरेशन के समय मौजूद थे. इस कारण कमेटी दोबारा बनाई गई. नई जांच कमेटी का नेतृत्व आईएमएस के प्रो. अजीत सिंह कर रहे हैं, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करेंगे।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?
बीएचयू हॉस्पिटल के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि, “यह प्रकरण संज्ञान में आया है. इस संबंध में चिकित्सा विज्ञान संस्थान द्वारा बनाई गई पहली जांच कमेटी का पुनर्गठन किया गया है. कमेटी सभी बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट देगी, जिसके बाद संस्थान द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी।”
आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार ने कहा कि “यह काफी गंभीर मामला है। जांच के लिए आईएमएस के प्रो. अजीत सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है. किस स्तर पर गलती हुई, इसकी छानबीन चल रही है. रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”