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अब तुरंत नहीं होगा UPI पेमेंट, दस हजार रुपए भेजते ही 1 घंटे के लिए 'लॉक' हो जाएगा आपका अकाउंट, RBI ला रहा है नया नियम...

अब तुरंत नहीं होगा UPI पेमेंट, दस हजार रुपए भेजते ही 1 घंटे के लिए 'लॉक' हो जाएगा आपका अकाउंट, RBI ला रहा है नया नियम...

नईदिल्ली ब्यूरो। अगर आप भी हर छोटी बड़ी बात के लिए UPI से पेमेंट कर देते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए एक नए नियम पर विचार कर रहा है।इसके तहत, अगर आप या IMPS के माध्यम से 10,000 रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन करते हैं, तो रकम पहुंचने में एक घंटे की देरी हो सकती है। इस 'कूलिंग पीरियड' का उद्देश्य ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाना है। ने इस प्रस्ताव पर 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद इस संबंध में अंतिम गाइडलाइंस जारी की जा सकती हैं।

RBI ने मांगे सुझाव

आसान शब्दों में कहें तो डिजिटल इंडिया के दौर में जहां हम पलक झपकते ही कहीं भी पैसे भेज देते हैं, वहीं अब इस रफ़्तार पर थोड़ा 'ब्रेक' लगने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए एक बेहद सख्त और नया नियम लागू करने की तैयारी में है। इस नए प्रस्ताव के तहत, अगर आप किसी व्यक्ति को UPI या IMPS के जरिए 10,000 रुपये से अधिक की रकम भेजते हैं, तो वह पैसा तुरंत क्रेडिट नहीं होगा। इसके बजाय, उस ट्रांजेक्शन पर 1 घंटे का 'कूलिंग पीरियड' लागू किया जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिस व्यक्ति को आप पैसे भेज रहे हैं, उसे वह रकम मिलने में एक घंटे तक का इंतजार करना पड़ सकता है। RBI ने इस योजना पर 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद इसे अंतिम रूप देकर लागू किया जा सकता है।

क्यों जरुरी है ये नियम?

इस कड़े कदम के पीछे की सबसे बड़ी वजह ऑनलाइन धोखाधड़ी से होने वाला भारी नुकसान है। साल 2025 में ही भारत में डिजिटल फ्रॉड के कारण लोगों ने 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा दिए हैं। आंकड़े बताते हैं कि भले ही 10,000 रुपये से बड़े ट्रांजेक्शन संख्या में कम हों, लेकिन फ्रॉड की कुल वैल्यू का करीब 98.5% हिस्सा इसी कैटेगरी से आता है। अक्सर ठग 'सोशल इंजीनियरिंग' यानी लोगों को डराकर या लालच देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। 1 घंटे की इस देरी (Holding Period) का मकसद पीड़ित व्यक्ति को सोचने और समझने का समय देना है। अगर किसी को पता चलता है कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो वह उस एक घंटे के भीतर अपना ट्रांजेक्शन कैंसिल कर सकेगा और अपनी मेहनत की कमाई को डूबने से बचा पाएगा।

और भी हो सकते हैं बदलाव

सिर्फ 1 घंटे का ब्रेक ही नहीं, RBI सुरक्षा के लिए कुछ और भी बड़े बदलाव करने जा रहा है। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए नियम बनाया जा रहा है कि 70 साल से अधिक उम्र के लोग अगर 50,000 रुपये से ज्यादा ट्रांसफर करते हैं, तो उनके किसी भरोसेमंद व्यक्ति (Trusted Person) की अनुमति जरूरी होगी। साथ ही, बैंकों को निर्देश दिया जा सकता है कि अगर किसी व्यक्तिगत या छोटे बिजनेस खाते में अचानक 25 लाख रुपये से ज्यादा जमा होते हैं, तो बैंक पूरी पुष्टि के बाद ही उसे क्रेडिट करे। इसके अलावा, एक 'किल स्विच' (Kill Switch) का विकल्प भी दिया जाएगा, जिससे कोई भी ग्राहक फ्रॉड का शक होने पर एक ही बटन दबाकर अपनी UPI, नेट बैंकिंग और कार्ड जैसी सभी डिजिटल सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। हालांकि इससे कुछ लोगों को तात्कालिक असुविधा हो सकती है, लेकिन आपकी जमापूंजी को सुरक्षित रखने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।