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कौन है? "अंजलि सरदाना" जिसने 23 साल की उम्र में ऐप के जरिए खड़ी कर दी 1700 करोड़ ₹ की कंपनी, जिसे गृहणियां दे रहीं दुआएं...

कौन है? "अंजलि सरदाना" जिसने 23 साल की उम्र में ऐप के जरिए खड़ी कर दी 1700 करोड़ ₹ की कंपनी, जिसे गृहणियां दे रहीं दुआएं...

Anjali Sardana Success Story: घर में बर्तन धुलवाने हो, घर में सफाई करवानी हो या कुक चाहिए, ये सभी सुविधाएं फोन के जरिए एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाती हैं। जिस ऐप सुविधा ने गृहणियों को टेंशन फ्री कर दिया है, इसके पीछे एक 23 वर्षीय लड़की की शानदार पहल है। ये लड़की अंजलि सरदाना हैं, जिसने एक स्टार्टअप से लोगों की जिंदगी को और सुविधाजनक बना दिया है। इतना ही नहीं इन्‍होंने महज दो साल में एक ऐप के जरिए 1700 कराेड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी है।

अंजलि सरदाना का ये Pronto App, है। जिसने घरेलू कामकाज को भी क्विक-कॉमर्स जैसी स्पीड दे दिया है और कुछ ही महीनों में ये ना केवल पाॅपुलर हो गया है बल्कि अंजलि अपने पहले स्‍टार्टअप से करोड़ों की कंपनी की मालकिन बन गई हैं। जानते हैं कौन हैं अंजलि सरदाना और कैसे शुरू किया ये ऐप?

Anjali Sardana कौन हैं?

23 साल की अंजलि सरदाना अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के एक साल के भीतर ही ऐसा स्टार्टअप खड़ा कर दिया। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से बायोलॉजी में डिग्री लेने के बाद उन्होंने बेन कैपिटल और 8VC जैसी वेंचर फर्मों में काम किया, जहां उन्हें स्टार्टअप्स और निवेश की दुनिया को करीब से समझने का मौका मिला। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि भारत का घरेलू सेवा बाज़ार बहुत बड़ा है, लेकिन अब भी काफी हद तक असंगठित तरीके से चलता है।

Anjali Sardana का Pronto App क्‍या है?

इसी सोच के साथ उन्होंने अप्रैल 2025 में गुरूग्राम में 'प्रोंटो' ऐप लॉन्च किया। यह एक ऐसा टेक प्लेटफॉर्म है, जो लोगों को ट्रेंड घरेलू कामगारों से जोड़ता है। प्रोंटो' ऐप के जरिए यूज़र्स कुछ ही मिनटों में मोबाइल से सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने या रसोई में मदद जैसी सर्विस बुक कर सकते हैं। इस कंपनी का दावा है कि कई क्षेत्रों से जुड़े हेल्‍पर मात्र 10 से 15 मिनट के भीतर पहुंच जाते हैं। ये तेजी से मिलने वाली घरेलू सहायता मॉडल तेज़ी से पॉपुलर हो चुकी है।

Pronto App को AI से कैसे मिलती है मदद?

'प्रोंटो' सिर्फ एक बुकिंग ऐप नहीं, बल्कि एक डेटा-ड्रिवन सिस्टम है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से यह तय किया जाता है कि- कौन सा वर्कर किस इलाके में सबसे जल्दी पहुंचेगा, किस समय किस तरह की सेवाओं की मांग बढ़ती है, कौन से कस्‍टमर रेगुलर है और किस कर्मचारी की परफॉर्मेंस बेहतर है? इस पूरे मॉडल को हाइपरलोकल AI सिस्टम कहा जा रहा है, जो हर इलाके के हिसाब से सेवाओं को ऑप्टिमाइज़ करता है और वेटिंग टाइम कम करता है।

Pronto App पर 1 दिन में कितनी होती है बुकिंग?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने गुरुग्राम से शुरुआत की और कुछ ही महीनों में कई शहरों में विस्तार कर लिया। शुरुआती दिनों में जहां प्रतिदिन लगभग 3000 बुकिंग्स थीं, वहीं अब यह संख्या 26,000 से अधिक बताई जा रही है।

Pronto App के जरिए खड़ी कर दी 1700 करोड़ ₹ की कंपनी

हाल ही में कंपनी ने करीब 20 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग भी जुटाई है, जिससे इसका वैल्यूएशन लगभग 1700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है।

Pronto App सिर्फ सुविधा नहीं, सुरक्षा और ट्रेनिंग भी

प्रोंटो केवल घरों तक जल्दी घरेलू मदद पहुंचाने पर ही फोकस नहीं कर रहा, बल्कि सुरक्षा और भरोसे को भी अपनी सेवा का अहम हिस्सा बना रहा है। कंपनी अपने वर्कर्स का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन करवाती है और उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी देती है, ताकि ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित सेवा मिल सके। इसके अलावा ऐप में SOS फीचर जोड़ा गया है और खासतौर पर महिला कर्मचारियों को सेफ्टी और आत्मरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। कंपनी का कहना है कि उसका मकसद सिर्फ सुविधा देना नहीं, बल्कि घरेलू कामगारों के लिए एक अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित कामकाजी माहौल तैयार करना भी है।