चुनाव में भी घर-घर मांजती थीं बर्तन, 2500 रुपए से पलता था परिवार, बीजेपी ने दूसरी बार दिया मौका तो कलिता दीदी बनीं विधायक...
कोलकाता। ऑसग्राम सुरक्षित सीट बीजेपी की कलिता माझी चुनाव जीत गई हैं। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार को हराकर यह चुनाव जीती हैं। कलिता चुनाव के दौरान भी परिवार पालने के लिए दूसरे के घरों में जाकर बर्तन मांजती थीं।इससे होने वाली कमाई से वह घर चलाती थीं। अब वह चुनाव जीतकर विधायक बन गईं हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।
2021 में पहली बार मिला था टिकट
घर-घर जाकर बर्तन मांजने वालीं कलिता माझी ने कभी सोचा नहीं था कि वह आगे चलकर विधायक बनेंगी। एससी-एसटी सीट ऑसग्राम से विधायक बनकर उन्होंने सभी को चौंका दिया है। घरेलू कार्य करने वालीं कलिता की चर्चा सबसे पहले 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई थीं। उसी समय बीजेपी ने उन्हें ऑसग्राम से विधायक बनाया था। लेकिन वह चुनाव नहीं जीत पाईं।
2026 में पार्टी ने फिर किया भरोसा
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कलिता माझी पर बीजेपी ने फिर से भरोसा किया। पिछली बार हार के बावजूद कांटे की टक्कर में उन्हें पार्टी ने टिकट दिया और टीएमसी के धाकड़ उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लोहार के सामने मैदान में उतार दिया। इस बार कलिता माझी पार्टी की उम्मीदों पर खरी उतरी हैं।
ऑसग्राम में लहरा दिया जीत का परचम
बीजेपी की उम्मीदों पर इस बार कलिता माझी ने ऑसग्राम में परचम लहरा दिया है। उन्हें कुल 1 लाख 7 हजार 692 वोट मिले हैं। उनके प्रतिद्वंदी श्यामा प्रसन्ना लोहार को 95157 वोट मिले हैं। कलिता 12 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीती हैं। यह एक गरीब तबके से आने वाली महिला के लिए बड़ी जीत है। कलिता माझी को आज भी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
बूथ स्तर के कार्यकर्ता रूप में शुरू की थीं काम
कलिता माझी ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत लगभग 10 साल पहले शुरू की थी। शुरुआत में वह बूथ स्तर की कार्यकर्ता थीं। उनके अंदर की नेतृत्व क्षमता और सक्रियता ने पार्टी का ध्यान खींचा और उन्हें मौका दिया है।
मुझे बहुत खुशी है
विधायक बनीं कलिता माझी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है। अब यहां फायर ब्रिगेड और अस्पताल की भी व्यवस्था करवाऊंगी। यहां की जनता ने मुझे दोनों हाथों से आशीर्वाद दिया है। इसलिए यह जीत मुझे मिली है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं। बीजेपी को 206, टीएमसी को 81, कांग्रेस को दो और अन्य दलों को चार सीटें मिली हैं। अभी एक सीट पर रिपोलिंग बाकी है। इसलिए नतीजे नहीं आए हैं।