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कॉकरोच जनता पार्टी के ट्रेड मार्क की छिड़ी जंग, सरकार के पास लगाई गई गुहार...

कॉकरोच जनता पार्टी के ट्रेड मार्क की छिड़ी जंग, सरकार के पास लगाई गई गुहार...

सोशल मीडिया पर वायरल हुई 'Cockroach Janata Party' अब नए विवाद में फंस गई है. पहले इस नाम से कई सोशल मीडिया अकाउंट सामने आए, फिर अकाउंट ब्लॉक और रीस्टोर होने की चर्चाएं चलीं, और अब मामला ट्रेडमार्क तक पहुंच गया है.रिपोर्ट्स के मुताबिक 'Cockroach Janata Party' नाम पर दो अलग-अलग लोगों ने ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए हैं. Controller General of Patents, Designs and Trade Marks की वेबसाइट के अनुसार दोनों आवेदन Class 45 के तहत दायर किए गए हैं और शुरुआती प्रक्रिया पार कर चुके हैं.

ट्रेडमार्क रजिस्ट्री के लिए दो लोगों ने किया आवेदन

पहला आवेदन अज़ीम अदमभाई जम द्वारा 'COCKROACH JANTA PARTY' नाम से दाखिल किया गया है. इसका एप्लिकेशन नंबर 7737937 है. वहीं दूसरा आवेदन अखंड स्वरूप ने 'Cockroach Janta Party' नाम से किया है, जिसका एप्लिकेशन नंबर 7741481 बताया गया है.

दिलचस्प बात यह है कि 'Cockroach Janata Party' को बॉस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट अभिजीत दिपके ने बनाया था. उनका कहना है कि इसकी शुरुआत एक मजाक के तौर पर हुई थी. बाद में यह इंटरनेट पर वायरल हो गया. पार्टी खुद को 'Voice of the Lazy & Unemployed' यानी 'आलसी और बेरोजगारों की आवाज' बताती है.

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ ये नाम

यह नाम हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर राजनीतिक व्यंग्य और मीम्स के जरिए तेजी से वायरल हुआ था. कई यूजर्स ने इसी नाम से अलग-अलग अकाउंट और पेज बनाकर कंटेंट पोस्ट करना शुरू कर दिया था. अब ट्रेडमार्क विवाद के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या इंटरनेट मीम और वायरल नामों पर भी मालिकाना हक तय किया जा सकता है? सोशल मीडिया यूजर्स इसे 'मीम ब्रांडिंग' और 'डिजिटल कब्जे' की नई लड़ाई बता रहे हैं.अब ट्रेडमार्क आवेदन सामने आने के बाद यह मामला सिर्फ मीम या मजाक तक सीमित नहीं रह गया है. अगर किसी एक पक्ष को ट्रेडमार्क मिल जाता है, तो भविष्य में इस नाम के इस्तेमाल को लेकर कानूनी अधिकार भी तय हो सकते हैं.

फिलहाल यह साफ नहीं है कि आखिर इस नाम का अधिकार किसे मिलेगा, लेकिन इंटरनेट पर मजाक के तौर पर शुरू हुई 'Cockroach Janata Party' अब कानूनी लड़ाई में बदल चुकी है. अब सवाल यह है कि जो 'पार्टी' मजाक में शुरू हुई थी, क्या वह सचमुच डिजिटल राजनीति और ट्रेडमार्क की लड़ाई का हिस्सा बन चुकी है?