'दालमंडी चौक मार्ग के नामकरण और प्रतिमा की स्थापना से सहेजें जयशंकर प्रसाद की स्मृतियां', सभा ने वाराणसी डीएम को लिखा पत्र...
वाराणसी न्यूज। लोक में 'सुंघनी साहू की दुकान' के नाम से प्रसिद्ध चौक थाने के पीछे नारियल बाजार स्थित कालजयी हिंदी कवि-गद्यकार जयशंकर प्रसाद का पुश्तैनी प्रतिष्ठान दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में है। इस दुकान पर प्रसाद ने स्वयं बैठकर हिंदी साहित्य की अनमोल कृतियों की रचना की। इसके चलते साहित्यकारों, शोधार्थियों का इस स्थान से भावनात्मक लगाव है। प्रसाद की स्मृतियों को संजोने के लिए नागरी प्रचारिणी सभा ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है।
विकास कार्यों को सामयिक आवश्यकता बताते हुए सभा के प्रधानमंत्री पं. व्योमेश शुक्ल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रसाद की स्मृतियों को संजोने के लिए चौक से दालमंडी जाने वाले मार्ग का नामकरण जयशंकर प्रसाद के नाम पर किया जाए। बाजार के उस क्षेत्र में प्रसाद की धातु शिल्पित एक भव्य प्रतिमा भी स्थापित की जाए।
जयशंकर प्रसाद के नाम पर रखा जाए मार्ग का नाम
इसी तरह सरायगोवर्धन स्थित अपने घर से प्रसाद जिस रास्ते अपनी दुकान तक आते थे, उस मार्ग का नाम भी जयशंकर प्रसाद के नाम पर रखा जाए। साथ ही उस पूरे नवनिर्मित मार्ग को प्रसाद की जीवंत स्मृति के संग्रहालय की तरह 'क्यूरेट' किया जाए, यह और भी बेहतर होगा।
महान रूसी उपन्यासकार लियो टालस्टाय का जन्मस्थल 'यास्नाया पोल्याना' भी वर्षों की मेहनत और सुधार से इसी तर्ज पर पुनर्नवीकृत हुआ है, जहां उनका घर, उनके आने-जाने की सड़कें और गलियां, उनके उपयोग में आनेवाली वस्तुएं, उनकी डायरीज और नोटबुक्स, सब कुछ जीवंत, उपस्थित और प्रदर्शित हैं।
हस्तलेखों को 'एआइ' और 'मशीन लर्निंग' की सहायता से कर सकते हैं पुनर्सृजित
हम भी जर्जर हो गई पांडुलिपियों और हस्तलेखों को 'एआइ' और 'मशीन लर्निंग' की सहायता से पुनर्सृजित कर सकते हैं। इस कार्य के लिए स्वजन की सहमति से सरायगोवर्धन स्थित उनके विशालकाय भवन के अहाते को भी प्रयोग में ले आया जाए तो बहुत अच्छा होगा।
वहां प्रसादजी और बनारस पर एकाग्र एक लोकप्रिय संग्रहालय संभव है और सिर्फ प्रसाद ही नहीं, ठीक यही प्रयत्न हमें लमही-स्थित प्रेमचंद-आवास, चौखंभा-स्थित भारतेंदु-आवास, रवींद्रपुरी कालोनी-स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल आवास और कबीरचौरा-स्थित कबीर के पालनहार नीरू-नीमा के टीले पर भी करना चाहिए।