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बकरीद की डेट फाइनल. देशभर में इस तारीख को मनाई जाएगी ईद, जामा मस्जिद के शाही इमाम ने किया बड़ा ऐलान...

बकरीद की डेट फाइनल. देशभर में इस तारीख को मनाई जाएगी ईद, जामा मस्जिद के शाही इमाम ने किया बड़ा ऐलान...

Eid al-Adha 2026: ईद मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े त्योहारों में एक है. सालभर में 'ईद' का पर्व दो बार मनाया जाता है. ईद-उल-फितर (मीठी ईद) और ईद-उल-अधा (बकरीद). ये दोनों ही त्योहार आपसी भाईचारे, दान-पुण्य और अल्लाह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक हैं। 

यह इस्लामी कैलेंडर के 12वें महीने 'ज़ुल-हिज्जा' की 10 तारीख को मनाया जाता है. यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम द्वारा अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने की अटूट आस्था और समर्पण की याद दिलाता है. इसी समय मक्का में वार्षिक 'हज यात्रा' भी संपन्न होती है। हालांकि, ईद के दोनों ही त्योहार मनाने की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। 

इसी तरह बकरीद मनाने को लेकर भी लोग कंफ्यूज थे. लेकिन, अब ये कंफ्यूजन दूर करते हुए दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद शाबान बुखारी ने आधिकारिक रूप से ईद उल अधा की तारीख का ऐलान कर दिया है. अब सवाल है कि आखिर, भारत में बकरीद कब मनाई जाएगी? इस्लाम में बकरीद का महत्व क्या है? आइए जानते हैं इस बारे में-

बकरीद 2026 कब है?

जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद शाबान बुखारी (Syed Shaban Bukhari) ने ऐलान किया है कि इस साल ईद-उल-अजहा गुरुवार 28 मई को मनाई जाएगी. चांद दिखने के बाद की गई इस घोषणा के साथ ही देशभर में ईद की तैयारियां तेज होंगी. बता दें कि, बकरीद इस्लाम धर्म का एक अहम त्योहार माना जाता है, जिसे कुर्बानी, त्याग और इंसानियत के संदेश के साथ मनाया जाता है. इस दिन मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता है, कुर्बानी देता है और जरूरतमंदों के बीच खाना व खुशियां बांटता है।

इसी महीने हज और बकरीद

इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह चांद पर आधारित होता है. हर नए महीने की शुरुआत चांद दिखने के बाद ही मानी जाती है. जिलहिज्जा का चांद खास तौर पर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी महीने में हज यात्रा शुरू भी होती है और संपन्न भी. दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय की नजर इस दौरान चांद दिखने की घोषणा पर रहती है, क्योंकि हज और बकरीद दोनों की तारीखें इसी से जुड़ी होती हैं।

सऊदी अरब में शुरू हुई हज की तैयारियां

सऊदी अरब में हज को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं. हर साल लाखों की संख्या में दुनिया भर से मुस्लिम श्रद्धालु मक्का पहुंचते हैं. सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने लोगों से अपील की थी कि वे चांद को खुली आंखों, दूरबीन या टेलीस्कोप की मदद से देखने की कोशिश करें. साथ ही चांद दिखाई देने पर नजदीकी अदालत में इसकी जानकारी देने को भी कहा गया था।

बकरीद का महत्व क्या है

जिलहिज्जा इस्लामिक कैलेंडर का आखिरी महीना होता है और इसे बेहद पाक माना जाता है. इसी महीने में मनाई जाने वाली ईद-उल-अजहा को कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है. यह त्योहार हजरत इब्राहिम की आस्था, त्याग और अल्लाह के प्रति समर्पण की याद में मनाया जाता है. इस दिन मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता है, कुर्बानी देता है और जरूरतमंदों के बीच खाना और खुशियां बांटता है।