अब कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के माता-पिता परेशान, बोले- हमें डर है कि बेटा गिरफ्तार हो सकता है...
छत्रपति संभाजीनगर : सोशल मीडिया पर व्यंग्यपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के तेज़ी से बढ़ते प्रभाव ने इसके संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता को चिंतित कर दिया है।उन्हें डर है कि उनका बेटा अपने राजनीतिक व्यंग्य वाले कंटेंट की वजह से कानूनी पचड़े में पड़ सकता है या उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र और आम आदमी पार्टी के पूर्व सहयोगी अभिजीत दिपके ने यह व्यंग्यपूर्ण डिजिटल अभियान अभी एक हफ़्ता पहले ही शुरू किया है। तब से, इस प्लेटफॉर्म को ऑनलाइन ज़बरदस्त लोकप्रियता मिली है, और इसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 19 मिलियन से ज़्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं।
छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले अभिजीत दिपके के माता-पिता, भगवान दिपके और अनीता दिपके ने एक कहा कि वे अपने बेटे की बढ़ती लोकप्रियता और राजनीतिक टिप्पणियों में उसकी भागीदारी को लेकर बहुत ज़्यादा चिंतित हैं।
मां बोलीं- करियर बनाने पर ध्यान दे अभिजीत
भगवान दिपके ने कहा कि अगर हम आजकल की राजनीति को देखें, तो डर लगना स्वाभाविक है, चाहे उसके कितने भी फॉलोअर्स क्यों न हों। अपने एक इंटरव्यू में, उसने खुद भारत लौटने के बाद गिरफ्तार होने का डर जाहिर किया था। हम अखबारों में ऐसी घटनाओं के बारे में पढ़ते रहते हैं। उनकी मां अनीता दिपके ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा राजनीति से दूर रहे और इसके बजाय अपना करियर बनाने पर ध्यान दे।
अनीता ने कहा कि हम बस यही चाहते हैं कि हमारा बेटा सुरक्षित घर लौट आए। वह राजनीति में बना रहेगा या नहीं, यह उसका अपना फ़ैसला होगा, लेकिन हम नहीं चाहते कि वह इसे अपना करियर बनाए। मुझे नहीं पता कि वह हमारी बात मानेगा या नहीं। मैं इस मामले में उसका साथ नहीं दूंगी। मुझे उसकी बहुत चिंता हो रही है।
छत्रपति संभाजी नगर और पुणे में अभिजीत दीपके ने की पढ़ाई
अभिजीत दीपकेके माता-पिता के अनुसार, अभिजीत ने उच्च शिक्षा के लिए पुणे जाने से पहले छत्रपति संभाजीनगर में ही पढ़ाई की थी। उनकी मां ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई उसके लिए काफ़ी मुश्किल थी, जिसके बाद उसने मास मीडिया और पत्रकारिता की तरफ रुख कर लिया। भगवान दिपके ने बताया कि बाद में उनका बेटा पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए विदेश चला गया, क्योंकि उसकी बहन पहले से ही वहां रह रही थी। उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते थे कि अभिजीत राजनीति में आने के बजाय पुणे या दिल्ली जैसे शहरों में कोई नियमित नौकरी कर ले।
माता-पिता बोले- हमारी रातों की नींद उड़ गई है
माता-पिता ने बताया कि उन्हें 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बारे में सबसे पहले अपने पड़ोसियों और परिवार के अन्य सदस्यों से पता चला था। बाद में, मेरे एक पोते ने मुझे बताया कि सोशल मीडिया पर उसके फ़ॉलोअर्स देश के कई जाने-माने लोगों से भी ज़्यादा हैं। इससे पहले, उसने AAP के साथ काम किया था। तब भी, मैंने उससे कहा था कि हम राजनीति में नहीं हैं और उसे कोई सेवा का काम करना चाहिए। भगवान दिपके ने माना कि इस प्लेटफ़ॉर्म की अचानक मिली लोकप्रियता ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है।
कैसे शुरू हुआ कॉकरोज जनता पार्टी ट्रेंड
'कॉकरोच जनता पार्टी' का ट्रेंड तब शुरू हुआ, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा एक वकील को 'सीनियर' का दर्जा देने की याचिका पर सुनवाई के दौरान कथित तौर पर की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दिपके के अनुसार, यह विचार तब आया जब कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि मुख्य न्यायाधीश ने फ़र्ज़ी डिग्रियों के सहारे क़ानूनी पेशे में आने वाले लोगों की आलोचना करते हुए उन्हें 'परजीवी' (parasites) और 'कॉकरोच' कहा था।
मुख्य न्यायाधीश ने बाद में सफाई दी कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था और उनकी टिप्पणियां ख़ास तौर पर उन लोगों के लिए थीं, जो 'फर्ज़ी और जाली डिग्रियां' हासिल करते हैं। इस सफाई के बावजूद, 'कॉकरोच जनता पार्टी', जिसने कॉकरोच को अपना चुनाव-चिह्न बनाया, मीम्स, व्यंग्य, ग्राफ़िक्स और राजनीतिक टिप्पणियों के ज़रिए ऑनलाइन तेजी से वायरल हो गई।
कॉकरोच जनता पार्टी
इस प्लेटफ़ॉर्म का ज्यादातर कंटेंट युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है, जिनमें बेरोजगारी, परीक्षा के पेपर लीक होना और शिक्षा शामिल हैं; इन मुद्दों को व्यंग्यात्मक घोषणा-पत्रों और चुनावी प्रचार-शैली वाली पोस्ट के रूप में पेश किया जाता है। अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को 'आलसी और बेरोज़गार लोगों की आवाज' बताया था।
इस प्लेटफ़ॉर्म को तब नियामक कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा, जब एक क़ानूनी आदेश के जवाब में भारत में इसके 'X' (ट्विटर) अकाउंट को रोक दिया गया। कुछ ही घंटों बाद, अभिजीत दिपके ने 'Cockroach Is Back' (कॉकरोच वापस आ गया है) नाम से एक और अकाउंट शुरू करने की घोषणा की। इंस्टाग्राम पर इस संगठन के अब तक एक करोड़ 90 लाख से अधिक 'फॉलोअर' हैं। दीपके पहले 'आम आदमी पार्टी' (आप) से जुड़े रहे थे।