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कोडिनयुक्त कफ सीरप केस: मुख्य सरगना भोला जायसवाल के खिलाफ दोबारा वारंट जारी, कोर्ट का सख्त रुख...

कोडिनयुक्त कफ सीरप केस: मुख्य सरगना भोला जायसवाल के खिलाफ दोबारा वारंट जारी, कोर्ट का सख्त रुख...

बस्ती। बहुचर्चित कोडिन सिरप तस्करी मामले में आरोपितों पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को इस मामले के मुख्य सरगना भोला जायसवाल वारंट जारी होने के बावजूद फिर अदालत में पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए उसके खिलाफ विवेचक के प्रार्थना पत्र पर फिर एक बार वारंट जारी कर अगली पेशी पर दो जून 26 को उसे तलब किया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के अवकाश पर रहने के कारण इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश विराट शिरोमणि की अदालत में सुनवाई हुई।

विशेष लोक अभियोजक कुमार उत्कर्ष व मृत्युंजय उपाध्याय ने अभियोजन का पक्ष अदालत में रखा। मुख्य आरोपित भोला जायसवाल के कोर्ट में उपस्थित न होने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए विवेचक इंस्पेक्टर शुभ नारायण दुबे की प्रार्थना पत्र पर मुख्य आरोपित भोला खिलाफ फिर एक वी वारंट जारी करने का आदेश देकर अगली पेशी पर तलब किया है।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली तारीख दो जून 26 निर्धारित की है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि नशीली दवाओं और कोडिन सिरप के अवैध कारोबार को लेकर जनपद पुलिस की एसआइटी टीम ने पिछले दिनों बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के बीच संक्षिप्त दलीलें हुईं। अन्य आरोपित आरोपित पंकज कुमार व धर्मेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पिछली पेशी पर पुलिस ने 30 अप्रैल 26 दाखिल कर दी थी।

मुख्य आरोपित की बढ़ी मुश्किलें

कोडिन सिरप कांड का मुख्य चेहरा माना जाने वाला सोनभद्र जेल में बंद मुख्य वाराणसी के कायस्थ टाेला, प्रह्लादघाट, थाना आदमपुर निवासी भोला जायसवाल अभी भी कोर्ट की पहुंच से दूर बना हुआ है। पिछली कार्यवाही के दौरान भी उसकी पेशी सुनिश्चित नहीं हो सकी थी।

इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने नाराजगी जताई और भोला जायसवाल की पेशी सुनिश्चित करने के लिए दोबारा वारंट जारी करने का निर्देश दिया। पुलिस प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है कि अगली सुनवाई तक मुख्य आरोपित भोला को अदालत के समक्ष पेश किया जाए।

यह है पूरा कोडिन कांड का मामला

कोडीन युक्त कफ सिरप की दो लाख शीशियों की आपूर्ति कागजों गणपति फार्मा समेत चार फर्मों की ओर से दिखाया गया था। झारखंड, पश्चिमी बंगाल व पूर्वाेत्तर राज्यों व बांग्लादेश में इसकी सप्लाई की जा रही थी। इस गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ है। यह पूरा प्रकरण प्रतिबंधित कोडिन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी और उसकी खेप को ऊंचे दामों पर खपाने से जुड़ा है।

पुलिस ने इस गिरोह के तार बस्ती समेत कई जिलों व राज्यों से जुड़े होने का दावा किया था। भोला जायसवाल की गिरफ्तारी और पेशी इस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए काफी अहम मानी जा रही है। अदालत अब दो जून 26 को होने वाली सुनवाई में इस गिरोह के अन्य सदस्यों और बरामदगी से जुड़े पहलुओं पर गौर करेगी।

इसी मुकदमे में बस्ती जेल में बंद चल रहे एक अन्य आरोपित गणपति फार्मा का संचालक वाराणसी निवासी बस्ती जेल में बंद पंकज कुमार के वित्तीय लेन-देन पर भी बड़ी चोट की जा चुकी है। जांच के दौरान बस्ती पुलिस ने कोर्ट के आदेश से पंकज के वाराणसी स्थित एचडीएफसी बैंक के खाते को चिंहित कर उसमें जमा 8.95 लाख रुपये की धनराशि को फ्रीज करा दिया है।

कोडिन सिरप कांड जुड़े दो फर्मों की अभी भी चल रही जांच

कोडिन कांड की जांच कर रहे बस्ती एसआइटी पुलिस के नोडल अधिकारी सीओ सत्येन्द्र भूषण तिवारी ने बताया कि दो अन्य फर्मों के संचालकों की भूमिका की छानबीन चल रही है। उनके फर्म से लेन-देन की बात सामने आई है।

इस कांड में कितना अपराध बनाता उसके हिसाब से जल्द ही कानूनी शिकंजा कसा जाएगा जांच अभी भी जारी है। इन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस फर्म संचालक एक संगठन के पदाधिकारी हैं उन्हें चिंहित कर लिया गया है।