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वाराणसी: सुजाबाद क्षेत्र में जबरदस्ती नगर निगम की अतिक्रमण कार्रवाई पर उठे सवाल, पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार...

वाराणसी: सुजाबाद क्षेत्र में जबरदस्ती नगर निगम की अतिक्रमण कार्रवाई पर उठे सवाल, पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार...


वाराणसीजनपद के सुजाबाद पड़ाव (रामनगर) क्षेत्र में नगर निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते द्वारा की गई एक कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासी राजकुमार साहनी और उनके भाई ने वाराणसी नगर निगम के अतिक्रमण विभाग पर बिना किसी पूर्व नोटिस, भेदभावपूर्ण और अवैध तरीके से निर्माण ढहाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार (20 मई) को नगर निगम वाराणसी की अतिक्रमण टीम सुजाबाद पंचायत भवन के पास पहुंची और राजकुमार साहनी और उनके भाई के मकान के बाहर बनी सीढ़ियों को नगर निगम के अतिक्रमण टीम द्वारा जबरदस्ती ध्वस्त कर दिया गया। पीड़ित का दावा है कि यह निर्माण पिछले 50 वर्षों से उनकी निजी स्वामित्व व पैमाइश की भूमि पर स्थित था। आरोप है कि स्थानीय कुछ शरारती तत्वों ने द्वेष भावना से जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी झूठी शिकायत की थी।


पीड़ित राजकुमार साहनी और उनके परिवार का कहना है कि विभाग ने कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया वह अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया। अतिक्रमण टीम ने ना ही इस कार्यवाही के दौरान अपना नाम और पदनाम नहीं बताया है। उन्होंने आरोप लगाया, "कार्रवाई के दौरान टीम के कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की। हमें बंधक जैसी स्थिति में रखा गया और दस्तावेज दिखाने का मौका भी नहीं दिया गया।"


शिकायतकर्ता ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उसी गली और आसपास के कई अन्य मकानों की सीढ़ियां वास्तविक रूप से सरकारी भूमि पर हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की राजस्व विभाग से निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर वैधानिक कार्रवाई हो और उन्हें हुए आर्थिक व मानसिक नुकसान की भरपाई की जाए।