सिर्फ 2 वर्ग किलोमीटर में बसा दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश, जहां हर दूसरा शख्स करोड़पति! आखिर कौन-सी है ये जगह? जानिए...
Richest Country in World in Terms of Wealth Per Capita: दुनिया में ऐसे कई देश हैं जिनका नाम आते ही गरीबी, संघर्ष या राजनीति की तस्वीर उभरती है. लेकिन एक देश ऐसा भी है, जिसका नाम सुनते ही आंखों के सामने चमचमाती यॉट्स, लग्जरी कारें, कसीनो, फैशन और अरबपतियों की दुनिया घूमने लगती है। महज 2 वर्ग किलोमीटर में फैला ये देश इतना अमीर है कि दुनिया में प्रति व्यक्ति संपत्ति के मामले में मोनाको पहले नंबर पर आता है।
दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश
मोनाको की प्रति व्यक्ति आय लगभग 2 लाख 88 हज़ार अमेरिकी डॉलर है. अगर इसे भारतीय रुपये में देखें, तो यह करीब 2.4 करोड़ रुपये सालाना बैठती है. मोनाको, वेटिकन सिटी के बाद दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश है. एक ऐसा देश जहां बाहर के लोगों और कंपनियों को अपना पैसा रखने पर न के बराबर या Zero टैक्स देना पड़ता है।
मोनाको के बैंक वहां पैसा रखने वालों की जानकारी को बेहद गोपनीय रखते हैं, जिससे दूसरे देशों की सरकारों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि किस व्यक्ति ने वहां कितना पैसा छुपाया है।
फ्रांस के नीस शहर के किनारे बसा मोनाको आखिर कैसे बन गया अमीरों का पसंदीदा ठिकाना. आपको मोनाको में मौजूद हमारे संवाददाता ब्रह्म प्रकाश दुबे का ये विश्लेषण जानना चाहिए।
दौलत-शौहरत के लिए दुनिया में मशहूर
समुद्र के नीले पानी पर तैरती करोड़ों-अरबों की यॉट्स. पहाड़ों की गोद में बसे शानदार महल. पहली नजर में ये किसी फिल्म का सेट लगता है. लेकिन ये हकीकत है और ये है मोनाको. दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश. हालांकि, दौलत और शोहरत के मामले में इसकी पहचान पूरी दुनिया में है।
मोनाको में दौलत सिर्फ बैंक खातों में नहीं दिखती. यहां दौलत समुद्र की लहरों पर तैरती हुई नजर आती है. मोनाको का हर बंदरगाह दुनिया के सबसे अमीर लोगों का पार्किंग ज़ोन लगता है. मोनाको का नाम आते ही सबसे पहले तैरते हुए महलों यानी याट्स की तस्वीरें सामने आती है।
दुनिया के अरबपतियों का बड़ा ठिकाना
हर साल गर्मियों के मौसम में मोनाको का यह समुद्री किनारा दुनिया के सबसे महंगे 'फ्लोटिंग एड्रेस' में बदल जाता है. जहां अरबपतियों की यॉट्स कतारों में खड़ी नजर आती हैं. कई बार तो यहां मौजूद यॉट्स की कुल कीमत छोटे देशों के सालाना बजट से भी ज्यादा बताई जाती है. कहा जाता है कि अगर दुनिया की दौलत को समुद्र में तैरते हुए देखना हो तो मोनाको के इस बंदरगाह से बेहतर जगह शायद ही कोई हो।
मोनाको की पहचान सिर्फ यॉट्स तक नहीं है. यहां का मोंटे कार्लो कसीनो दुनिया भर में मशहूर है. फॉर्मूला-1 की सबसे प्रतिष्ठित रेस मोनाको ग्रां प्री यहीं आयोजित होती है. फैशन, लग्जरी और लाइफस्टाइल की दुनिया में भी मोनाको का नाम सबसे ऊपर गिना जाता है।
कोई सेना नहीं, फिर भी सबसे सेफ
इतनी दौलत के बीच सबसे बड़ी चुनौती होती है सुरक्षा. मोनाको इस मामले में भी दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में गिना जाता है. सुरक्षा, सफाई और शानदार जीवनशैली, वो वजहें हैं जो दुनिया भर के पर्यटकों को यहां खींच लाती हैं. हर साल लाखों लोग मोनाको की गलियों, समुद्री तटों और ऐतिहासिक स्थलों को देखने आते हैं।
दिलचस्प बात ये है कि दुनिया के इस लग्जरी ठिकाने में भारत का नाम भी सम्मान के साथ लिया जाता है. लोग भारतीय संस्कृति, खानपान और पर्यटन स्थलों से प्रभावित हैं. न कोई विशाल सेना और न कोई बड़ा भूभाग. फिर भी दौलत, ग्लैमर और लग्जरी के नक्शे पर मोनाको की चमक सबसे अलग है।
आकार नहीं, पहचान रखती है मायने
ये वो देश है जहां समुद्र के किनारे खड़ी हर यॉट एक कहानी कहती है. हर इमारत दौलत का पता बताती है. हर आने वाला शख्स इस बात को महसूस करता है कि देश का आकार नहीं बल्कि पहचान मायने रखती है।