Headlines
Loading...
माफिया को खत्म करना ही... सीएम योगी ने 9 साल में पहली बार खुलकर बताया कि क्या है ?उनका पसंदीदा विषय...

माफिया को खत्म करना ही... सीएम योगी ने 9 साल में पहली बार खुलकर बताया कि क्या है ?उनका पसंदीदा विषय...

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में डी 3 त्रिवेणी कार्यक्रम में बताया कि उनका पसंदीदा विषय क्या है. पिछले 9 सालों में ये पहली बार था जब सीएम योगी ने अपनी पसंद के विषय पर खुलकर बात की।उन्होंने कहा कि माफिया का सफाया करना ही उनका सबसे प्रिय विषय है. यूपी सीएम ने कहा कि 9 साल पहले लखनऊ में पुलिस की जमीन पर माफिया का कब्जा था. ये सब पिछली सरकारों के संरक्षण में चल रहा था. लेकिन किसी की हिम्मत नहीं थी कि इस जमीन को खाली करवाया जा सके. लेकिन यूपी सरकार ने जमीन खाली भी करवाई और उस पर भव्य फारेंसिक इंस्टीट्यूट भी बनवाया।

किस जमीन पर बना है FSL?

सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ का फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सिर्फ FSL और साइबर सिक्योरिटी का केंद्र ही नहीं बल्कि वह आज के समय की सभी टेक्नॉलोजी का केंद्र भी है. वहां डिप्लोमा और डिग्री कोर्स भी चल रहे हैं. अहम बात ये है कि इस जमीन पर ये बना था वह यूपी पुलिस की थी लेकिन उस पर कब्जा था एक कुख्यात माफिया का.सीएम योगी ने कहा कि 2017 में एक दिन उनके मन में यह ख्याल आया कि यूपी इतनी बड़ी आबादी वाला राज्य है, हमारे पास केबल चार ही एफएसएल यानी कि फॉरेंसिक लैब हैं, आखिर इतना बड़ा प्रदेश कैसे चलेगा. जो भी जांच भेजते हैं तो कई-कई साल लगते हैं. उन्होंने कहा कि जब भी वह पूछते थे कि नई लैब क्यों स्थापित नहीं हो रहीं तो पता चलता था कि मेन पावर नहीं है।

पुलिस की जमीन पर था माफिया का कब्जा

उन्होंने आदेश दिया कि इंस्टीट्यूट स्थापित करो और अच्छा पैकेज दो. हाथ पर हाथ धरे रहने से काम नहीं होगा. सीएम योगी ने कहा कि एक दिन यूपी के डीजीपी रिटायरमेंट के समय में एक फाइल लेकर उनके पास आए. मैंने पूछा ये क्या है. मुझे लगा कि हो सकता है कि अपना एक्सटेंशन का लेकर आए हों. उन्होंने कहा कि आप फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की बात कर रहे हैं, यूपी पुलिस की एक जमीन पर माफिया का कब्जा है तो मैंने कहा कि ये तो हमारा सबसे प्रिय विषय है. उन्होंने हंसकर पूछा कि क्या मतलब?

बुलडोजर से खाली करवाई 120 एकड़ जमीन, बनाया FSL

मैंने कहा कि ये फाइल मुझे दे दीजिए, मैं इसे ठीक करवा दूंगा. डीजीपी ने कहा कि एयरपोर्ट से मुश्किल से 3 किमी की दूरी पर 120 एकड़ की जमीन है, कीमत भी बहुत है. माफिया ने यहां पर प्लॉटिंग शुरू कर दी है. मैंने उसके कागज निकाले और पूछा कि रेलवे बोर्ड के किस अधिकारी ने किसके पक्ष में इसे कब दिया था। उसकी पूरी कुंडली निकालो। 

कुंडली निकालकर बोर्ड के चेयरमैन को बुलाकर मैंने इस जमीन पर स्टे लगवाने की बात कही. वो हाई कोर्ट गए तो मैंने इधर एफआईआर लॉन्च करवा दी. अगले ही दिन वहां पर हमारा बुलडोजर पहुंच गया था। माफिया से जमीन खाली करवाकर वहां पर फारेंसिक इंस्टीट्यूट बनाया गया. अब इस जमीन पर छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।