दादा ADG,बड़ी बहन IPS और अब मिनी शुक्ला बनीं भोपाल की एडिशनल DCP; जानिए चंबल के इस अफसरों वाले परिवार की कहानी...
भिंड। मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन में हुए फेरबदल के बाद नरसिंहगढ़ (राजगढ़) की एसडीओपी मिनी शुक्ला को अब भोपाल नगरीय पुलिस में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक - जोन 2) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है।मिनी शुक्ला ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 96वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने किसी बड़े शहर में कोचिंग जाने के बजाय घर पर ही रहकर इस कठिन परीक्षा की तैयारी की और अपने दूसरे प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की।
परदादा से लेकर बहनों तक, पूरा परिवार देश सेवा में
चंबल अंचल के भिंड जिले के मेहगांव की रहने वाली मिनी शुक्ला के पूरे परिवार का इतिहास देश सेवा और कानून से जुड़ा रहा है। मिनी के परदादा बाबूराम शुक्ला एक स्वतंत्रता सेनानी थे। वहीं उनके दादा श्याम शुक्ला मध्य प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। परिवार में प्रशासनिक सेवा की यह परंपरा यहीं नहीं रुकी। मिनी शुक्ला के पिता कृष्ण कांत शुक्ला ग्वालियर-भिंड क्षेत्र के जाने-माने एडवोकेट हैं, जबकि उनका भाई यज्ञ शुक्ला भी हाईकोर्ट में वकालत कर रहा है।
किसकी कहां है पोस्टिंग, परिवार के सदस्य पद / स्टेटस प्रशासनिक एवं सामाजिक योगदान
* बाबूराम शुक्ला (परदादा) स्वतंत्रता सेनानी देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय योगदान दिया।
* श्याम शुक्ला (दादा) पूर्व ADG, मप्र पुलिस मध्य प्रदेश पुलिस में शीर्ष स्तर के पुलिस अधिकारी रहे।
* कृष्ण कांत शुक्ला (पिता) वरिष्ठ एडवोकेट कानून के क्षेत्र में सक्रिय, बेटियों की सफलता के मार्गदर्शक।
* प्रियंका शुक्ला (बड़ी बहन) IPS अधिकारी वर्ष 2019 में यूपीएससी परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में आईं।
* मिनी शुक्ला (स्वयं) अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, भोपाल यूपीएससी में 96वीं रैंक हासिल की, अब भोपाल में तैनात।
* यज्ञ शुक्ला (भाई) एडवोकेट, हाईकोर्ट उच्च न्यायालय में कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े हैं।
चंबल की बेटियों ने बदला अंचल का नाम
मिनी की बड़ी बहन प्रियंका शुक्ला भी वर्ष 2019 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर वर्तमान में आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पिता कृष्ण कांत शुक्ला के मुताबिक, चंबल का भिंड-मुरैना इलाका एक दौर में बागियों और डकैतों के नाम से जाना जाता था, लेकिन उनकी बेटियों ने इस पहचान को पूरी तरह बदल दिया है। मिनी की स्कूली शिक्षा ग्वालियर के केंद्रीय विद्यालय से हुई और इसके बाद उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी से बीए ऑनर्स की डिग्री ली। इस होनहार परिवार की सफलता आज पूरे मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है।