BCCI पर क्यों आग बबूला हुए सुनील गावस्कर? खिलाड़ियों के ऊपर दबाव डालने का लगाया बड़ा आरोप, पढ़िये उन्हीं की जबानी...
सुनील गावस्कर की कलम से। फीफा विश्व कप का आगाज अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में हो चुका है। अगर आप कट्टर फुटबॉल प्रशंसक नहीं हैं तो संभवतः आप देर रात तक जागकर मैच नहीं देखेंगे, जब तक कि आपकी पसंदीदा टीम या खिलाड़ी मैदान पर न हो। हां, टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहुंचने पर शायद आप मैच देखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करें।
हालांकि, अमेरिका सह-मेजबान है और वहां के टीवी चैनलों ने प्रसारण अधिकार हासिल करने के लिए भारी रकम खर्च की है, इसलिए वे मैचों का प्रसारण अपने दर्शकों के प्राइम टाइम के अनुसार करेंगे। आखिर उन्हें अधिकारों पर खर्च की गई राशि की भरपाई भी करनी है। मैचों के दौरान हाफ टाइम के अलावा कुछ अतिरिक्त ब्रेक भी रखे गए हैं। आधिकारिक तौर पर इन्हें गर्मी के कारण बताया जाता है, लेकिन वास्तविक उद्देश्य विज्ञापनों का प्रसारण करना भी है।
आईसीसी टूर्नामेंट में विदेशी मीडिया पक्षपात का आरोप लगाता है
यह पूरी तरह समझने योग्य है, क्योंकि टीवी नेटवर्क को भी कमाई करनी होती है। यही स्थिति ओलंपिक खेलों में भी देखने को मिलती है, जहां अमेरिकी नेटवर्क प्रसारण अधिकारों के लिए भारी रकम चुकाते हैं और फिर प्रमुख मुकाबलों को अपने प्राइम टाइम में दिखाते हैं। दुनिया के बाकी हिस्सों की सुविधा की उन्हें खास परवाह नहीं होती।
अब इसे क्रिकेट और आईसीसी टूर्नामेंटों के संदर्भ में देखें। यहां प्रसारण अधिकारों के लिए 90 प्रतिशत से अधिक राशि भारतीय ब्राडकॉस्टर्स, विशेषकर स्टार स्पोर्ट्स और जियो द्वारा चुकाई जाती है। राजस्व का अधिकांश हिस्सा भी भारतीय प्रायोजकों से आता है। इसके बावजूद यदि भारत के मैच छुट्टियों या भारतीय प्राइम टाइम में रखे जाते हैं तो विदेशी मीडिया आईसीसी पर पक्षपात के आरोप लगाने लगता है। लेकिन फीफा विश्व कप या ओलिंपिक के प्रसारण समय को लेकर वही लोग चुप्पी साध लेते हैं।
मार्च की शुरुआत में आईपीएल कराना अच्छा फैसला होगा
बीसीसीआई द्वारा आईपीएल को मार्च की शुरुआत में शुरू कर मध्य मई तक समाप्त करने की योजना खिलाड़ियों के लिए शानदार खबर साबित हो सकती है। वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण गर्मियां लगातार अधिक कठिन होती जा रही हैं। ऐसे में बारिश शुरू होने से पहले टूर्नामेंट समाप्त कर देना एक समझदारी भरा फैसला होगा। यह लेख लिखे जाने के समय भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला चेन्नई में खेला जा रहा है। वहां का तापमान खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए अनुकूल नहीं है।
खिलाड़ियों को भीषण गर्मी में खेलने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए
चंडीगढ़ और लखनऊ में भी हालात बेहद कठिन थे। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने ऐसे चुनौतीपूर्ण मौसम में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसके लिए वे प्रशंसा के पात्र हैं। लेकिन यदि आईपीएल को मध्य मई तक समाप्त करना समझदारी है तो फिर ऐसे मुकाबलों की जरूरत क्या है, जिनमें आईसीसी अंक भी दांव पर नहीं लगे हैं? भारतीय खिलाड़ी देश की सर्वश्रेष्ठ खेल संपदा हैं और हमें उनका ध्यान रखना चाहिए। उन्हें इतनी भीषण गर्मी में खेलने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
निस्संदेह बीसीसीआई अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाता रहा है। भारत ने हमेशा इन देशों की क्रिकेट को मजबूत करने और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए सहयोग किया है। लेकिन भारतीय क्रिकेटरों का स्वास्थ्य और फिटनेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। खिलाड़ियों को साल में कम से कम एक महीने का स्पष्ट विश्राम मिलना चाहिए।
सर्वश्रेष्ठ टीम को मैदान पर उतारना चाहिए
अफगानिस्तान के विरुद्ध टेस्ट मैच में शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक लगाए, जबकि मानव सुथार ने प्रभावशाली पदार्पण किया। जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया, लेकिन क्या वह इस टीम के विरुद्ध पांच या दस विकेट लेकर अपने रिकॉर्ड को और बेहतर नहीं बनाना चाहते होंगे। जब भारत खेल रहा हो, तब सर्वश्रेष्ठ टीम को मैदान पर उतरना चाहिए, बशर्ते चोट जैसी कोई मजबूरी न हो।
कार्यभार प्रबंधन के नाम पर खिलाड़ियों को आराम देने की प्रवृत्ति को यथासंभव कम किया जाना चाहिए। यदि आप क्रिकेट कैलेंडर पर नजर डालें तो पाएंगे कि भारतीय टीम लगभग हर महीने कहीं न कहीं खेल रही होती है।
प्रसारित संकलन : केसरी न्यूज 24 ।।