डीएम साहब.... हमारा रोजगार छीन गया, घर तो अब बचवा दीजिए, मेरठ में महिलाओं ने सौंपा जिलाधिकारी को ज्ञापन...
मेरठ। मकानों में सेटबैक का स्थान खाली करने तथा वहां हुए निर्माण को ध्वस्त करने के आवास विकास के नोटिसों के विरोध में धरना दे रहीं महिलाएं जिलाधिकारी के दरबार में पहुंची। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा तथा पुराने, कमजोर मकानों में ध्वस्तीकरण न कराने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि घरों में चल रहे छोटे छोटे रोजगार तो खत्म ही हो गए हैं। अब घर को तो टूटने से बचवा दीजिए।
शास्त्रीनगर सेक्टर दो निवासी महिलाएं राधा गुप्ता, शालू शर्मा, अंजना जैन अपने परिवार के लोगों के साथ मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थनापत्र उन्हें सौंपा। बताया कि शास्त्रीनगर सेक्टर दो, तीन और चार के 400 से ज्यादा ईडब्ल्यूएस और एलआइजी मकानों को आवास विकास अधिकारियों ने नोटिस दिए हैं।
उक्त सभी मकान 30 से 60 मीटर तक क्षेत्रफल वाले छोटे छोटे मकान हैं। सभी पुराने तथा कमजोर हो चुके हैं। इनमें रहने वाले परिवार छोटे छोटे रोजगार चलाकर अपना पेट पाल रहे थे। नोटिस के बाद रोजगार बंद हो गए हैं। अब इन मकानों में सेटबैक का स्थान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। इन मकानों को यदि छेड़ा गया तो पूरा मकान ही गिर जाएगा।
आसपास के मकानों को भी क्षति पहुंचेगी। उन्होंने मकानों को ध्वस्तीकरण से बचाने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना करने के लिए नहीं कह रहे हैं लेकिन गरीब परिवारों की समस्या को अधिकारियों द्वारा न्यायालय के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने मांगपत्र को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की भी मांग जिलाधिकारी से की। डीएम ने उन्हें सहायता का आश्वासन दिया।
वहीं सेक्टर दो में चल रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा। धरने में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। गोल मंदिर के पास चल रहे सेक्टर तीन और चार की महिलाओं के धरने में मंगलवार को सुबह भागवत कथा की गई। बड़ा मंगलवार होने के कारण दोपहर में सुंदरकांड का पाठ करके बजरंगबली से गुहार लगाई गई।