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बेटियां बनीं वरदान, एक ने किडनी दी तो दूसरी ने लीवर डोनेट कर नया जीवन दिया; बोलीं- पापा हैं तो सबकुछ है...

बेटियां बनीं वरदान, एक ने किडनी दी तो दूसरी ने लीवर डोनेट कर नया जीवन दिया; बोलीं- पापा हैं तो सबकुछ है...

केसरी न्यूज 24 चीफ एडिटर (ए के केसरी) की रिपोर्ट :: अक्सर कहा जाता है कि बेटियां परिवार की शान होती हैं। मोरटा गांव की दो बेटियों ने इसे साबित कर दिया है। पिता के जीवन पर जब संकट आया तो वह काल के सामने चट्टान की तरह खड़ी हो गईं। एक बेटी ने अपनी किडनी दी तो दूसरी ने लीवर देकर पिता को फादर्स डे से एक हफ्ते पहले नए जीवन का तोहफा दिया।

मोरटा निवासी 45 वर्षीय जयंत त्यागी अचानक गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। सात्विक और सामान्य जीवन जीने वाले जयंत त्यागी को डॉक्टरों ने लीवर और किडनी खराब होने और इसे बदलने की सलाह दी। यह सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन इसी कठिन घड़ी में उनकी दोनों बेटियां परिवार की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आईं।

एक बेटी की शादी होने वाली है

हाल ही में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने वाली बड़ी बेटी रिषिका त्यागी ने अपनी एक किडनी पिता को दान करने का निर्णय लिया। रिषिका त्यागी की शादी कुछ महीने बाद होने वाली है। उन्होंने इसकी जानकारी दी तो ससुराल पक्ष ने भी पूरा समर्थन दिया और उत्साह बढ़ाया। वहीं, बीटेक प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली छोटी बेटी खुशी ने अपने पिता के लिए लीवर दान करने का फैसला किया।पापा को कुछ नहीं होने देंगी

दोनों बेटियों का एक ही संकल्प था कि पापा को कुछ नहीं होने देंगी। नोएडा के एक निजी अस्पताल में जयंत त्यागी और उनकी दोनों बेटियों को भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की टीम ने सोमवार को लंबे और जटिल ऑपरेशन के बाद सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण प्रक्रिया पूरी की। वर्तमान में तीनों की हालत स्थिर है।

लंबी जांच के बाद फैसला लिया गया

परिजनों के मुताबिक बीमारी की जानकारी लगने के बाद चिकित्सकों की ओर से कई लोगों की जांच की गई। दोनों बेटियों की जांच रिपोर्ट सटीक बैठी। सूत्रों के मुताबिक चिकित्सकों ने दोनों बेटियों की लंबी काउंसलिंग की। तीनों की स्थिति सामान्य होने के बाद चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया।

साहस- समर्पण की सराहना

भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने बताया कि जयंत त्यागी पूर्व में भाजपा के सेक्टर संयोजक रह चुके हैं। उनके ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता रक्तदान करने पहुंचे। दोनों बोटियों के साहस और समर्पण को मोरटा गांव के साथ ही भाजपा संगठन से जुड़ा हर कोई सलाम कर रहा है। यह कहानी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उस अटूट रिश्ते की मिसाल है, जिसमें बेटियां अपने पिता के लिए जीवन का सबसे बड़ा त्याग करने से भी पीछे नहीं हटतीं।

पापा के लिए हर त्याग करने को तैयार

जयंत त्यागी के छोटे भाई अमित रंजन ने बताया कि लीवर और किडनी फेल होने की जानकारी मिलते ही सभी मायूस हो गए थे, लेकिन दोनों बोटियों के अटूट हौसलों ने सभी के विश्वास को दृढ़ बनाए रखा। दोनों बेटियों ने पूरे विश्वास के साथ कहा था कि पापा हैं तो सब कुछ है। उनके लिए हम हर त्याग करने को तैयार हैं। परिवार के कुछ सदस्य शुरू में बेटियों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर चिंतित थे, लेकिन उनके अटूट हौसले के आगे सभी ने सहमति दे दी।