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प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं व संगीत परंपराओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से काशी की तर्ज पर अब शाम-ए-प्रयागराज का होगा आयोजन...

प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं व संगीत परंपराओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से काशी की तर्ज पर अब शाम-ए-प्रयागराज का होगा आयोजन...

प्रयागराज, ब्यूरो। प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं व संगीत परंपराओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से शाम-ए-बनारस की तर्ज पर प्रयागराज में भी आयोजन का श्रीगणेश होने जा रहा है। लोक संस्कृति विकास संस्थान की ओर से आयोजित होने शाम-ए-प्रयागराज का आयोजन प्रत्येक माह के पहले व अंतिम रविवार को किया जाएगा।

इसके लिए संस्थान को जिला प्रशासन की ओर से अनुमति मिल चुकी है। आयोजन अरैल घाट के सेल्फी प्वाइंट, परमार्थ निकतेन व गंगा तट पर किया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष शरद मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम की विस्तृत रुपरेखा, तिथियां व कलाकारों की सूची तीन दिनों में तैयार हो जाएगी।