वाराणसी:सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाने या 'दबंगई' दिखाने वाले असामाजिक तत्वों पर है पैनी नजर..डीजीपी राजीव कृष्णा...
-यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग व्यवस्था,वाराणसी में 11 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर और मार्गों की पहचान
वाराणसी,14 जून। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने कहा कि प्रदेश में माफिया अब किसी भी कीमत पर पनप नहीं पाएंगे। पिछले आठ से दस वर्षों में माफियाओं के खिलाफ व्यापक पैमाने पर कार्रवाई हुई है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। महिला सुरक्षा, नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान है। प्रदेश में अपराधों में कमी आई है और महिलाओं, व्यापारियों तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
डीजीपी यहां रविवार को पुलिस लाइन सभागार में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। पुलिस गांवों, मुहल्लों में भी सक्रिय गुंडों और बदमाशों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। इसके लिए इंटरनेट मीडिया की भी मदद ली जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाने वाले या 'दबंगई' दिखाने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वाराणसी दौरे के दौरान अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और जनपदीय मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गई। मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
-नए भर्ती हुए पुलिस के जवानों को नियमित पुलिस कार्यों में लगाया जाएगा
डीजीपी ने पत्रकारों को बताया कि हाल के दिनों में भर्ती हुए 60,244 पुलिसकर्मी जनपदों में पहुंच चुके हैं और उनका प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें नियमित पुलिस कार्यों में लगाया जाएगा। इन जवानों से प्रदेश में कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को और मजबूती मिलेगी।
साइबर अपराध से जुड़े सवालों पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़े हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस इसे चुनौती के रूप में लेकर काम कर रही है। साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों का पैसा बैंक स्तर पर ही रोकने की व्यवस्था बनाई जा रही है। विभिन्न देशों के साथ हुए समझौतों के आधार पर विदेशों में बैठे अपराधियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग व्यवस्था
वाराणसी सहित उत्तर प्रदेश में सड़क जाम और सुचारू यातायात व्यवस्था से जुड़े सवाल पर डीजीपी ने बताया कि इसे सुधारने के लिए अब तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू हुई है। गूगल से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यातायात जाम वाले मार्गों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
वाराणसी में 11 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर और मार्गों की पहचान की गई है, जहां जाम की समस्या अधिक रहती है। इनकी प्रतिदिन निगरानी हो रही है । इन जगहों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इसका परिणाम भी दिख रहा है। यातायात व्यवस्था में सुधार हो रहा है। वाराणसी देश और प्रदेश की महत्वपूर्ण धार्मिक नगरी है। यहां भविष्य में रोपवे जैसी परियोजनाएं भी यातायात दबाव कम करने में मददगार होगी।
डीजीपी के अनुसार,प्रदेश में लगभग 230 ऐसे कॉरिडोर चिह्नित किए गए हैं। इन मार्गों पर वाहनों की गति, जाम की स्थिति, अधिकतम, न्यूनतम और औसत यात्रा समय का डेटा लगातार एकत्र किया जा रहा है।
कोडीन युक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार से जुड़े सवाल पर डीजीपी ने कहा कि आवश्यक दस्तावेजों और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से कार्रवाई जारी है, जल्द ही सरगना शुभम जायसवाल भारत लाया जाएगा। इस मामले में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। पत्रकार वार्ता में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन (एडीजी जोन) पीयूष मोर्डिया भी उपस्थित रहे।