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बुद्धवार जसपाल राणा की शोक सभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पुष्कर सिंह धामी व बृजेश पाठक हुए शामिल, दी श्रद्धांजलि...

बुद्धवार जसपाल राणा की शोक सभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, पुष्कर सिंह धामी व बृजेश पाठक हुए शामिल, दी श्रद्धांजलि...

उत्तराखंड, न्यूज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को दिग्गज शूटर और पद्म श्री से सम्मानित जसपाल राणा को श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी ‘तेरहवीं’ में हिस्सा लिया। उन्होंने देहरादून के मझाउन स्थित उनके आवास पर दिग्गज शूटर की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस मुश्किल समय में परिवार को हिम्मत दी और ढाढस बंधाया। राजनाथ सिंह के अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी इस शोक सभा में शामिल हुए।

शोक सभा में मीडिया से बात करते हुए ब्रजेश पाठक ने जसपाल राणा के निधन पर दुख जताया और कहा कि उनका जाना खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने बताया कि राणा एक असाधारण परिवार से थे, जिसके तीन सदस्यों को द्रोणाचार्य पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि वो बेहतरीन शूटर होने के साथ-साथ उन युवाओं के लिए प्रेरणा भी थे, जो खेलों में भाग लेते थे।

दिल की बीमारी से हो गया था निधन

दरअसल, 49 वर्षीय पिस्टल शूटर जसपाल राणा का 11 जून को दिल की बीमारी के कारण कुछ समय तक बीमार रहने के बाद निधन हो गया था. देश के बेहतरीन पिस्टल शूटर्स में से एक माने जाने वाले राणा बाद में कोचिंग के क्षेत्र में आ गए और 2024 के पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर को दो ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

उनके निधन के बाद देहरादून से एयर एम्बुलेंस के जरिए उनके पार्थिव शरीर को ले जाने से पहले उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई थी और 13 जून को वाराणसी में उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोग जमा हुए थे।

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पहुंचने पर उनके पार्थिव शरीर को फिर से राजकीय सम्मान दिया गया था, जहां उनके बेटे युवराज ने अंतिम संस्कार किया था। उनका अंतिम संस्कार उनके परिवार और शूटिंग समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की मौजूदगी में किया गया था।

जसपाल राणा ने जीते थे 15 मेडल

भारत के महानतम निशानेबाजों में गिने जाने वाले जसपाल राणा का करियर तीन दशकों से अधिक समय तक शानदार रहा. वो अब भी राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सबसे सफल खिलाड़ी बने हुए हैं, जिन्होंने प्रतियोगिता के चार संस्करणों में 9 स्वर्ण पदकों सहित कुल 15 पदक जीते हैं. उनकी उपलब्धियों में एशियाई खेलों में 4 स्वर्ण पदक और एक रजत पदक शामिल हैं, जबकि उन्होंने मिलान में 1994 विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। राणा ने 2006 दोहा एशियाई खेलों के दौरान 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की थी।