शिकायतें बढ़ीं तो छिना प्रभार, फिर 101 करोड़ के घोटाले में नपे सहायक नगर आयुक्त; दफ्तर में मची खलबली...
शाहजहांपुर, न्यूज। 101 करोड़ के भूमि घोटाले में सहायक नगर आयुक्त रामकुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद नगर निगम कार्यालय में गुरुवार को खलबली रही। वह यहां करीब डेढ़ वर्ष से तैनात थे। उनके पास जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, दाखिल खारिज जैसे महत्वपूर्ण पटल का प्रभार था।
सीधे तौर पर तो कोई आरोप नहीं लगा, लेकिन दोनों ही पटल से संबंधित कार्यों में मनमानी की शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंचती रहीं। जिस पर डेढ़ माह पूर्व नगर आयुक्त सौम्या अग्रवाल ने उनसे प्रभार वापस लेते हुए जोन एक का चार्ज दे दिया था। उनके निलंबन के लिए संस्तुति की जा रही है।
मूलरूप से गोरखपुर निवासी रामकुमार गुप्ता का 10 जनवरी 2015 को स्थानांतरण हुआ था। उन्होंने पांच दिन बाद कार्यभार ग्रहण किया था। यहां सरकारी आवास नहीं मिला तो किराये पर घर लेने की बजाय शहर के टाउनहाल स्थित सत्यम होटल में किराये पर कमरा ले लिया था।
जब भी शहर में रहते तो उसी में रुकते थे, बुधवार दोपहर बाद संभल पुलिस ने उन्हें इसी होटल के बाहर से पकड़ा था। विभागीय अधिकारियों को देर शाम जानकारी दे दी गई, लेकिन कार्यालय में कर्मचारियों को गुरुवार सुबह इस बारे में पता चला। सुबह उनका सहायक सुरजीत जब होटल पर बुलाने पहुंचा तो कमरे में ताला लगा हुआ था। मोबाइल पर काॅल भी नहीं लग रही थी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद स्टाफ से बात की तो जानकारी मिली।
नगर निगम में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में सुविधा शुल्क मांगे जाने, रुपये न देने पर आनलाइन प्रक्रिया के बाद भी कई-कई दिन आवेदन लटकाए रखने, दाखिल खारिज में भी नामांतरण प्रक्रिया में मनमानी, कम्प्यूटर में नाम न चढ़ाए जाने जैसी शिकायतें आए दिन नगर आयुक्त के पास पहुंच रहीं थीं।
सुधार न होने पर इन दोनों पटल के प्रभारी रामकुमार गुप्ता थे। ऐसे में उनका प्रभार हटा दिया गया। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि रामकुमार गुप्ता के पास वर्तमान में सिर्फ जोन एक का प्रभार था। वह जनगणना के पहले चरण में चार्ज अधिकारी भी रहे तो इसलिए अधिकांश समय व्यस्तता उसी में रहती थी।
उनके विरुद्ध किसी तरह की गड़बड़ी जैसा मामला या शिकायत अब तक नहीं आई। निलंबन की कार्रवाई को लेकर उन्होंने बताया कि इस संबंध में निदेशालय ने संज्ञान लिया है। आगे की प्रक्रिया वहीं से होगी। मुरादाबाद संभल हाईवे किनारे 101 करोड़ की 38 बीघा सरकारी भूमि के घोटाले में रामकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
उन पर वहां की नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पद पर तैनात रहने के दौरान इस घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। छह वर्ष के कार्यकाल में वहां उन पर वहां 44 लाख रुपये के भ्रष्टाचार का एक और आरोप लग चुका है। पूर्व में दो बार शासन में कार्रवाई की संस्तुति हो चुकी है।