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12 साल में रणजी, 14 में IPL, 15 में टीम इंडिया बिहार के बेटे वैभव सूर्यवंशी ने इस छोटी पारी में भी बना द‍िया र‍िकॉर्ड...

12 साल में रणजी, 14 में IPL, 15 में टीम इंडिया बिहार के बेटे वैभव सूर्यवंशी ने इस छोटी पारी में भी बना द‍िया र‍िकॉर्ड...

बिहार, पटना। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को प्रतिभा के दम पर कीर्तिमान से मित्रता जारी रखी। अपने पदार्पण मैच में 15 वर्षीय ख‍िलाड़ी ने बल्ला थामने से पहले ही रिकाॅर्ड बना दिया।वैभव ने दो गगनचुंबी छक्कों की मदद से रन तो 14 ही बनाए, पर पिच पर उतरने से पहले भारतीय टीम की कैप पहनते ही उन्होंने क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर का देश के लिए सबसे कम उम्र में खेलने का रिकाॅर्ड तोड़ा।

इसके पहले वैभव ने रणजी ट्राफी में भी सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का कीर्तिमान बनाया था। 2024 में पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में वैभव बिहार टीम की ओर से मुंबई के खिलाफ मैदान पर उतरे थे।

रणजी में भी कम उम्र का र‍िकॉर्ड

तब उनकी उम्र मात्र 12 साल और 284 दिन थी। आईपीएल में भी वैभव ने कीर्तिमान बनाया था। साल 2024 में राजस्थान रायल्स ने उन्हें ₹1.1 करोड़ में खरीदा।इससे वह 13 साल की उम्र में आईपीएल कान्ट्रैक्ट पाने वाले और फिर 14 साल की उम्र में आईपीएल में पदार्पण करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे।

14 साल की उम्र में आईपीएल के दौरान गुजरात टाइटंस के खिलाफ 38 गेंदों में 101 रन की पारी खेलकर पुरुषों के टी-20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकाॅर्ड भी वैभव के नाम है।
 
वैभव दुनिया में छाए हुए हैं। इस कम उम्र में उन्होंने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का रिकार्ड तोड़ा। 15 वर्षीय बल्लेबाज ने खेल का सिद्धांत बदल दिया है। हम 50 गेंद में 100 बनाने की सोचते थे, वो 30 बाल में शतक जड़ रहे हैं। आगे उनसे और भी बेहतर करने की उम्मीद है।

बाबुल कुमार, पूर्व रणजी खिलाड़ी

वैभव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शुरुआत अच्छी की है। उन्हें अपना नैसर्गिक खेल नहीं छोड़ना है। जैसे-जैसे मैच खेलेंगे, उनको अनुभव मिलेगा। अपनी पारी में उन्हें धैर्य रखने की जरूरत है।

पवन कुमार, बिहार रणजी टीम के पूर्व कोच

वैभव कभी परिश्रम से पीछे नहीं भागा। उसके परिणाम रहा कि आज उसने क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर का रिकार्ड तोड़ा। उसमें प्रतिभा की कमी नहीं है। आने वाले समय में वो अपने नाम को सच साबित करेगा।

रूपक कुमार, लाइजनर ऑफिसर बीसीए
 
वैभव के देश की टीम का प्रतिनिधित्व करने से हमें भी हौसला मिला है। उन्होंने ये बताया है कि अनुभव से अधिक प्रतिभा को तरजीह दी जाती है। बिहार जैसे राज्य से भी अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले खिलाड़ी निकलेंगे।

तेजस्वी चौहान, युवा क्रिकेटर