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बीएचयू पर्वतारोहण अभियान की कठिन राह को मौसम ने रोका, माउंट फ्रेंडशिप पीक के शिखर से 300 मीटर पहले वाराणसी लौटी टीम...

बीएचयू पर्वतारोहण अभियान की कठिन राह को मौसम ने रोका, माउंट फ्रेंडशिप पीक के शिखर से 300 मीटर पहले वाराणसी लौटी टीम...

वाराणसी, न्यूज। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पर्वतारोहण केंद्र के छात्र-छात्राओं का 14 सदस्यीय पर्वतारोहण दल प्रतिकूल मौसम के कारण हिमाचल प्रदेश स्थित माउंट फ्रेंडशिप पीक (17,352 फीट) के शिखर से मात्र लगभग 300 मीटर पहले वापस लौटने को विवश हुआ। 

पर्वतारोहण केंद्र के प्रभारी प्रो. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह अभियान दल प्रशिक्षक बलराम यादव और शिवनारायण यादव के नेतृत्व में हिमाचल के माउंट फ्रेंडशिप पीक पर आरोहण के लिए रवाना हुआ था, जो हिमालय के पीर पंजाल पर्वतमाला में स्थित है। इस प्रशिक्षण दल को मौसम की विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

यह अभियान वाराणसी से चंडीगढ़ होते हुए मनाली पहुंचा। मनाली पौराणिक कथाओं में मनु और महाभारतकालीन स्थल हिडिम्बा का निवास स्थान के रूप में जाना जाता है। दल ने मनाली से शोलंग, धुंधी और बकरथाज होते हुए पवित्र व्यास कुण्ड के करीब अपना प्रथम शिविर लगाया।

यही व्यास नदी का उद्गम स्थल है, जिसकी ऊंचाई समुद्रतल से 12,772 फीट है। इस टीम ने अपना प्रशिक्षण अभ्यास यहीं किया, जिसमें स्नो क्राफ्ट-जिसमें ताजे बर्फ पर चढ़ने, उतरने और बचाव का प्रशिक्षण, आइस क्राफ्ट-जिसमें ठोस बर्फ पर चढ़ने, उतरने, रस्सी को फिक्स करने, आइस एक्स का संचालन और खुद के बचाव का प्रशिक्षण शामिल था।

इसके बाद 15,500 फीट की ऊंचाई पर एडवांस बेस कैंप स्थापित किया गया, जहां से शिखर के लिए अंतिम चढ़ाई शुरू होनी थी। 25 जून की रात 11 बजे दल शिखर आरोहण के लिए रवाना हुआ। स्नो एवं आइस पर क्रैम्पॉनिंग करते हुए दल लगभग 16,400 फीट तक पहुंच गया, लेकिन अचानक भारी हिमपात एवं वर्षा शुरू हो गई।

प्रतिकूल मौसम के चलते दल को सुरक्षा की दृष्टि से वापस लौटने का निर्णय लेना पड़ा। इसी दौरान एक विदेशी दल सहित दो अन्य पर्वतारोहण दलों को भी लौटना पड़ा। प्रो. सिंह ने बताया कि इस अभियान के लिए टीम ने तीन महीनों का कठिन प्रशिक्षण लिया था। जिसके चलते इस टीम के कुछ सदस्यों को इतनी ऊंचाई पर एक्यूट माउंटेन सिकनेस को छोड़कर अन्य कोई बड़ी दिक्कत नहीं हुई।

इस दल को स्थानीय शेरपा गाइड और प्रशिक्षकों का महती योगदान मिला, जिसमें सचिन शर्मा, संजू, मणि, आदित्य वर्मा, अशोक, अनिल कुमार और जय पूर्व पर्वतारोहण छात्र अनिल यादव, विशाल अग्रवाल, नौसेना के ले. कमांडर रवि गंगवार का प्रमुख रूप से योगदान रहा।

इस दल को वाराणसी पहुंचने पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह और केंद्र के प्रभारी प्रो. अनिल कुमार सिंह ने हार्दिक बधाई दी। 

दल में लीडर संदीप कुमार यादव, डिप्टी लीडर कुसुम कुमारी, क्वार्टर मास्टर निशांत सिंह और निधि प्रजापति, मेडिकल ऑफिसर अनु कुमारी, इन्फॉर्मेशन ऑफिसर राजा कुमार, इक्विपमेंट ऑफिसर शुभम कुमार उपाध्याय, लगेज ऑफिसर सुमन उरांव और नीतिश कुमार गुप्ता, ट्रांसपोर्ट ऑफिसर आदित्य यादव और शोभा पासवान तथा रिक्रिएशन ऑफिसर चारू राठौड़ शामिल हैं।