अफवाहों पर लगाम के लिए यूपी पुलिस का सी-प्लान, 40 लाख डिजिटल वालंटियर संभालेंगे अब मोर्चा...
लखनऊ, न्यूज। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रदेश में अफवाहों पर तुरंतअंकुश लगाने और सामुदायिक पुलिसिंग को और मजबूत बनाने के लिए 'सी-प्लान' (कम्युनिटी पुलिसिंग प्लान) का दायरा दोगुना करने जा रही है।पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में इस प्लेटफॉर्म से जुड़े डिजिटल वालंटियरों की करीब 20 लाख संख्या को बढ़ाकर 40 लाख करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी जिलों में थाना स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने जोनल एडीजी, पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस प्रमुखों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
योजना के तहत प्रत्येक थाने से 10-10 पुलिसकर्मियों को नामित किया जाएगा। ये पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र के हर गांव-कस्बे में प्रतिष्ठित और जिम्मेदार लोगों को सी-प्लान एप्लिकेशन से जोड़ेंगे। ग्राम प्रधान, शिक्षक, व्यापारी, अधिवक्ता, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य सम्मानित नागरिकों को वालंटियर बनाया जाएगा। इनका काम अपने क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखते हुए महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर पुलिस तक पहुंचाना होगा।
यूपी पुलिस ने सी-प्लान ऐप की शुरुआत सामुदायिक पुलिसिंग को नई तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से की थी। वर्तमान में प्रदेश के अधिकतर गांवों और कस्बों में एस-10 के तहत करीब 10-10 प्रतिष्ठित लोगों को सदस्य के रूप में इससे जोड़ा जा चुका है। इनकी संख्या लाखों में है। यूजर की संख्या बढ़ाने के लिए अब इस नेटवर्क का विस्तार कर अधिक से अधिक लोगों को शामिल किया जाएगा, ताकि पुलिस को जमीनी स्तर की सूचनाएं तेजी से मिल सकें।
यह है लाभ
सी-प्लान से जुड़े डिजिटल वालंटियर गांव या मोहल्ले में किसी तरह के तनाव, भूमि विवाद, सांप्रदायिक संवेदनशीलता, अफवाह, संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि, नशे के कारोबार, अवैध हथियारों की सूचना या अन्य असामाजिक गतिविधियों की जानकारी सीधे पुलिस तक पहुंचाते हैं। सूचना मिलने के बाद संबंधित थाना और अधिकारी तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हैं। इससे कई मामलों में विवाद बढ़ने से पहले ही पुलिस हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लेती है।
यूपी 112 कंट्रोल रूम से जुड़ा है एप
यह स्मार्टफोन एप सीधे लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय और यूपी-112 कंट्रोल रूम से जुड़ा है। एप के माध्यम से भेजी गई सूचना संबंधित जिले और थाने तक तुरंत पहुंचती है, जिससे प्रतिक्रिया का समय कम होता है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल वालंटियरों का नेटवर्क मजबूत होने से अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
इसी उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को नए लक्ष्य के अनुरूप वालंटियरों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।गोरखपुर जोन के डीजी मुथा अशोक जौन का कहना है कि अफवाहों पर त्वरित अंकुश लगाने और सूचनाओं को एकत्रित करने में सामुदायिक पुलिसिंग की अहम भूमिका होती है। नेटवर्क जितना मजबूत होगा, पुलिस और जनता दोनों को उतना ही लाभ मिलेगा।
सी प्लान में जिलेवार संख्या
गोरखपुर : 52161 सदस्य, 4782 यूजर
कुशीनगर : 53346 सदस्य, 2346 यूजर
देवरिया : 35151 सदस्य, 3577 यूजर
महराजगंज : 21611 सदस्य, 1003 यूजर
बस्ती : 57031 सदस्य, 3849 यूजर
सतंकबीरनगर : 20760 सदस्य, 2552 यूजर