वाराणसी गोलगड्डा स्थित काशी डिपो का 50 वर्ष पुराना भवन तोड़ा जा रहा इसकी जगह बसें खड़ी करने के लिए नए प्लेटफॉर्म बनाएं जाएंगे...
वाराणसी, न्यूज। वाराणसी शहर में गोलगड्डा स्थित काशी डिपो का 50 वर्ष पुराना भवन तोड़ा जा रहा है। इसकी जगह बसें खड़ी करने के लिए नए प्लेटफॉर्म बनेंगे। पीछे स्थित भवन का शेड हटाकर छत पक्की की जाएगी जिससे इसमें संचालन कक्ष (ऑफिस) बनाया जा सके। इस पर करीब 57 लाख रुपये खर्च होंगे।
काशी डिपो के निर्माण के बाद कैंट के बस स्टेशन निर्माण का कार्य शुरू होगा। जिससे वहां से संचालित होने वाली बसें गोलगड्डा स्थित डिपो से संचालित किया जा सके। ज्ञात है कि कैंट बस स्टेशन का पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से विकास होना है।
निर्माण कार्य और शिफ्टिंग
यहां तिमंजिला भवन निर्माण, नया रीजनल वर्कशॉप और सुविधाएं बढ़ाई जानी हैं। टेंडर हो चुका है और मृदा परीक्षण शुरू कराने के लिए आठ प्वाइंट भी चिह्नित कर लिए गए हैं। निर्माण शुरू होने पर 700 से ज्यादा बसों को यहां से संचालित करने में समस्या होगी। इन बसों को शिफ्ट करना होगा।
वैकल्पिक व्यवस्था
वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गोलगड्डा स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया बस स्टेशन पर कई रूट की बसों को शिफ्ट किया जाएगा। यहां काशी डिपो और चंदौली डिपो की बसें खड़ी होती हैं और उनका मेंटेनेंस किया जाता है। शेष बसों को शिफ्ट करने के लिए परिवहन निगम किराये पर भूमि तलाश रहा है।
इस सम्बंध में क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम, वाराणसी रीजन) परशुराम पांडेय ने मीडिया को बताया कि भवन के ध्वस्तीकरण के बाद मलवा हटाकर नए कार्य शुरू कराए जाएंगे।