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शर्मनाक! फोन कर बुलाया, फिर मक्के के खेत में गैंगरेप, दरिंदों ने तालाब में फेंक दिए कपड़े, गमछे के सहारे बचाई लाज, पुलिस ने सिर्फ 6 घंटे में...

शर्मनाक! फोन कर बुलाया, फिर मक्के के खेत में गैंगरेप, दरिंदों ने तालाब में फेंक दिए कपड़े, गमछे के सहारे बचाई लाज, पुलिस ने सिर्फ 6 घंटे में...

बिहार में नालंदा के चंडी थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां 40 वर्षीय एक विधवा महिला को पहले फोन कर मिलने के बहाने बुलाया गया, फिर सुनसान इलाके में ले जाकर तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

कपड़े तालाब में फेंके

दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने महिला के कपड़े तालाब में फेंक दिए, जिससे वह निर्वस्त्र हो गई। किसी तरह उसने एक गमछे से अपनी इज्जत ढकी और मदद की तलाश में सड़क तक पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज छह घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, नगरनौसा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की बातचीत चंडी थाना क्षेत्र के लक्ष्मी बिगहा निवासी विकाश गोप (विकास कुमार) से होती थी. 30 जून की शाम आरोपी ने फोन कर महिला को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह उसे एक वाहन से लक्ष्मी बिगहा-रामपुर के खंधा इलाके में ले गया। सुनसान जगह पर पहुंचते ही उसने अपने दो साथियों नितीश कुमार और शैलेश कुमार को भी बुला लिया। महिला को जब साजिश का एहसास हुआ और उसने विरोध किया तो तीनों ने उसे जबरन मक्के के खेत में खींच लिया।

कपड़े तालाब में फेंके

आरोप है कि तीनों दरिंदों ने बारी-बारी से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद भी उनका दिल नहीं भरा. उन्होंने महिला के कपड़े तालाब में फेंक दिए और उसे उसी हालत में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने किसी तरह एक गमछे से अपने शरीर को ढका और खेत से निकलकर सड़क तक पहुंची।

राहगीर बना फरिश्ता

बदहवास हालत में रामपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची महिला को एक राहगीर मिला। उसने तुरंत उसकी मदद की और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम और चंडी थाना की संध्या गश्ती पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़िता को सुरक्षित थाने लाया गया, जहां उसकी शिकायत दर्ज कर मेडिकल जांच कराई गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए नालंदा के एसपी भारत सोनी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। पुलिस ने रातभर छापेमारी की और घटना के महज छह घंटे के भीतर बुधवार तड़के करीब तीन बजे तीनों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंडी थाना क्षेत्र के लक्ष्मी बिगहा निवासी विकाश गोप (22 वर्ष), पिता- जय गोप, नितीश कुमार (26 वर्ष), पिता- दशरथ प्रसाद तथा शैलेश कुमार (32 वर्ष), पिता- कृष्णा प्रसाद के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पीड़िता से छीने गए दो मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी विकाश गोप पहले से ही कई संगीन मामलों में आरोपित रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2016 में चंडी थाना में हत्या का मामला दर्ज है। इसके अलावा 10 जून 2026 को मारपीट और रंगदारी का मामला भी दर्ज हुआ था। 

वहीं दूसरे आरोपी नितीश कुमार के खिलाफ वर्ष 2024 में आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में चंडी थाना में दर्ज है। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।