IPS केके बिश्नोई ने UP की मिट्टी में मिलाए 800 करोड़ के 7 माफिया, 6 भाई-बहन बने अफसर, पत्नी भी हैं बरेली जिले की SP...
IPS कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर में भारतीय पुलिस सेवा के काबिल, ईमानदार और जांबाज पुलिस अधिकारियों में से एक हैं। संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) केके बिश्नोई हाल ही में 100 करोड़ रुपये के सरकारी जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करके सुर्खियों में हैं। इससे पहले वे पूरे उत्तर प्रदेश में 800 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले 7 कुख्यात माफियाओं के अवैध साम्राज्य को भी मिट्टी में मिला चुके हैं।
मीडिया से बातचीत में साझा किए अपनी जिंदगी के अनुभव
आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मीडिया से बातचीत में उत्तर प्रदेश में माफिया के खिलाफ रियल लाइफ सिंघम स्टाइल में की गई पुलिसिंग, एक छोटे से गांव में जन्म से लेकर यूपीएससी पास करने तक के सफर, अपने पांच भाई-बहनों की सफलता की कहानी, माता-पिता के संघर्ष और अपनी पत्नी आईपीएस अंशिका वर्मा, SP बरेली के बारे में कई बातें साझा कीं।
संभल जामा मस्जिद विवाद के बाद कानून व्यवस्था संभाली
संभल एसपी केके बिश्नोई बताते हैं कि वे पिछले 22 महीनों से संभल के पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात हैं। 24 नवंबर 2024 को संभल जामा मस्जिद विवाद में अचानक हिंसा भड़क उठी थी। उसके बाद उन्होंने जिस तरह से कानून एवं शांति व्यवस्था को संभाला, उससे जनता का संभल पुलिस में विश्वास बढ़ा।
krishna kumar bishnoi ips current posting
Photo Credit: Social Media
संभल में 100 करोड़ के सरकारी जमीन घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी
अब उन्होंने तत्कालीन संभल नगर परिषद के अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता (वर्तमान में शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त) को करीब 100 करोड़ रुपये के सरकारी भूमि घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर यूपी पुलिस का इकबाल बुलंद किया है। इस मामले में संभल कोतवाली में 31 नामजद आरोपियों समेत कई अन्य के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
वर्षों से दफ्तरों में दफन फाइलों को खोज निकाला
केके बिश्नोई के अनुसार, संभल में सरकारी जमीन घोटाले के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना और इस बेशकीमती जमीन को मुक्त करवाना आसान नहीं था. पूरे मामले की फाइलें वर्षों से सरकारी दफ्तरों में दफन थीं. संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की इस सरकारी जमीन को भू-माफिया ने अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से अपने नाम हस्तांतरित करवा लिया था. इतना ही नहीं, माफिया ने इस पर रातों-रात चारदीवारी और फैक्ट्री तक खड़ी कर दी थी। पुलिस और प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब पूरी जमीन को खाली करवा लिया है।
CM योगी की रडार पर थे 60 कुख्यात माफिया
IPS केके बिश्नोई ने बताया कि जब योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब सरकार के स्तर पर प्रदेशभर से 60 कुख्यात माफियाओं को चिह्नित किया गया था। गर्व की बात यह है कि उनमें से 7 बड़े माफिया और उनके अवैध साम्राज्य को आईपीएस बिश्नोई ने मलबे में दफन कर दिया। इन सात में मेरठ का वह कुख्यात माफिया बदन सिंह बद्दो भी शामिल है, जिसके खिलाफ लोग डर के मारे आवाज तक नहीं उठा पाते थे।
बदन सिंह बद्दो और संजीव जीवा समेत 7 पर कड़ा एक्शन
केके बिश्नोई संभल के एसपी बनने से पहले मेरठ, मुजफ्फरनगर और गोरखपुर में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इस दौरान उन्होंने जिन 800 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले सात माफियाओं पर कड़ा एक्शन लिया, उनमें बदन सिंह बद्दो, योगेश भदौड़ा, सुशील मूंछ, संजीव जीवा, राजन तिवारी, विनोद उपाध्याय और भूपेंद्र बाफर आदि के नाम शामिल हैं।
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के गांव से शुरू हुआ सफर
केके बिश्नोई का जन्म 1 जनवरी 1994 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना में किसान गंगादेवी और सुजाना राम बिश्नोई के घर हुआ था. वे छह भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। सबसे खास बात यह है कि इनके सभी भाई-बहन आज सरकारी नौकरियों में उच्च पदों पर हैं। धोरीमन्ना राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक सुदूर इलाका है. धोरीमन्ना के स्थानीय स्कूल से अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद, केके बिश्नोई ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से उच्च शिक्षा की डिग्री प्राप्त की। साल 2008 में उन्होंने आठवीं बोर्ड परीक्षा में पूरे राज्य में टॉप किया था।
केके बिश्नोई परिवार की सक्सेस स्टोरी: सभी भाई-बहन सरकारी पदों पर
गंगादेवी हाउसवाइफ और सुजाना राम बिश्नोई किसान हैं. दोनों ने अपने दोनों बेटों व चार बेटों के स्कूल कॉलेज की ओर जाते कदम कभी नहीं रोके. नतीजा यह रहा सभी छहों भाई-बहन सरकारी नौकरी लग गए। केके बिश्नोई के भाई भजनलाल राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. उनकी बहन रामकोरी जोधपुर में पटवारी, सरस्वती दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर, इंदु बाला स्त्री रोग विशेषज्ञ और मंजू बाला आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं।
IPS अंशिका वर्मा से बिश्नोई समाज के रीति-रिवाजों से की शादी
आईपीएस केके बिश्नोई का विवाह 29 मार्च 2026 को अंशिका वर्मा से हुआ। अंशिका वर्मा भी यूपी कैडर की ही एक तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हैं। मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्तमान में बरेली की पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में सेवाएं दे रही हैं। अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई ने राजस्थान के जोधपुर में बिश्नोई समाज के पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी।
विदेश मंत्रालय और UNO में भी कर चुके हैं काम
केके बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें अपने दूसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 174वीं रैंक मिली थी. आईपीएस बनने से पहले उन्होंने विदेश मंत्रालय में चीन संबंधी मामलों के विशेषज्ञ के रूप में और संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) में भी कार्य किया था।