'जमीन कब्जाने का लेते हैं ठेका.' DSP ऑफिस के सामने 37 करोड़ की जमीन कब्जाने पहुंची बदमाशों की फौज, 18 हुए गिरफ्तार...
Bihar Land Mafia: बिहार में जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ ‘लैंड माफिया’ का नेटवर्क भी तेजी से फैलता जा रहा है। अपराधी विवादित जमीनों पर कब्जा दिलाने या हटाने का ठेका ले रहे हैं।
क्या बोली पुलिस?
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि औंग थाना क्षेत्र में पति के साथ मारपीट और करंट लगाने के आरोप का मामला सामने आया है. घायल का इलाज कराया जा रहा है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मलवां थाना क्षेत्र में भी पत्नी द्वारा पति पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की घटना सामने आई थी, जिसमें पति की मौत हो गई थी. अब औंग थाना क्षेत्र की इस घटना ने एक बार फिर जिले में सनसनी फैला दी है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.ताजा मामला राजधानी पटना का है, जहां डीएसपी कार्यालय के ठीक सामने स्थित करीब 37 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर कब्जा करने के लिए हथियारों से लैस बदमाशों की पूरी फौज पहुंच गई. हालांकि, खूनी संघर्ष शुरू होने से पहले ही पुलिस और एसटीएफ ने पूरे गैंग की साजिश नाकाम कर दी. इस मामले में 18 को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई कुख्यात अपराधी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला बैरिया बस स्टैंड के पास स्थित 37 कट्ठा विवादित जमीन से जुड़ा है. यह जमीन डीएसपी सदर-2 रंजन कुमार के सरकारी कार्यालय के ठीक सामने स्थित है. जांच में सामने आया कि जमीन वृद्ध महिला श्री देवी के नाम पर बताई जा रही है. महिला की कोई संतान नहीं है. इसी का फायदा उठाते हुए सारण जिले के आकिलपुर के पूर्व मुखिया शैलेश कुमार ने कथित तौर पर कम कीमत पर जमीन का एग्रीमेंट करा लिया।
जब उसने जमीन की घेराबंदी शुरू की तो महिला के रिश्तेदारों ने इसका विरोध किया। इसके बाद रिश्तेदारों ने भी दूसरे पक्ष के लोगों से जमीन का एग्रीमेंट कर लिया और मामला कब्जे की लड़ाई तक पहुंच गया।
11 बदमाशों को पांच-पांच लाख की सुपारी
पुलिस जांच के अनुसार, पूर्व मुखिया शैलेश कुमार ने जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए 11 अपराधियों को पांच-पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी. सभी अपराधी हथियारों के साथ मौके पर पहुंच गए थे और किसी भी समय खूनी संघर्ष हो सकता था.इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली. सूचना के आधार पर एसटीएफ और पटना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर पूरे गिरोह को घेर लिया और 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. बाद में इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता पूर्व मुखिया शैलेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि पांच अन्य कुख्यात अपराधियों की तलाश जारी है।
हथियार, लग्जरी गाड़ियां और मोबाइल बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो, एक स्विफ्ट डिजायर, एक एक्सयूवी-500, 15 टच स्क्रीन मोबाइल और एक कीपैड मोबाइल बरामद किया. सभी हथियार और वाहन जब्त कर लिए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में पुनपुन, मनेर, नौबतपुर, दुल्हिन बाजार, रोहतास, नालंदा, धनबाद और पटना के विभिन्न इलाकों के रहने वाले लोग शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, इनमें से 11 आरोपी हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों में पहले से आरोपी रहे हैं।
जमीन कब्जाने का लेते हैं ठेका
पुलिस जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक पटना और आसपास के इलाकों में जमीन कब्जाने के लिए कई संगठित गैंग सक्रिय हैं. पुनपुन, मनेर, मसौढ़ी और नौबतपुर जैसे इलाकों से संचालित ये गिरोह पैसे लेकर विवादित जमीनों पर कब्जा दिलाने, कब्जा हटाने और विरोध करने वालों को धमकाने का काम करते हैं.जरूरत पड़ने पर ये गैंग हथियारबंद अपराधियों को मौके पर भेजते हैं. कम जोखिम और भारी कमाई के कारण कई आदतन अपराधी जेल से बाहर आने के बाद फिर इसी धंधे में लौट आते हैं. पुलिस का मानना है कि जमीन की बढ़ती कीमतों ने इस अवैध कारोबार को और ज्यादा लाभदायक बना दिया है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
सिटी एसपी पूर्वी शैलजा ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी हथियारों के साथ जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से जुटे हुए थे. फिलहाल यह भी जांच की जा रही है कि जिस महिला के नाम पर जमीन बताई जा रही है, वह वास्तविक मालिक हैं या नहीं. साथ ही बरामद वाहनों के दस्तावेजों की भी वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी है. फरार पांच अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि राजधानी में जमीन पर कब्जा दिलाने का खेल अब संगठित अपराध का बड़ा कारोबार बन चुका है।