गिल्ली-डंडा खेलने वाले कलेक्टर का नया अंदाज, जमीन पर बैठकर बनाईं मिट्टी की गेंदें, खुद उठाईं अनाज की बोरियां, सादगी देख हर कोई मुरीद...
मप्र नर्मदापुरम: आपने कलेक्टर तो बहुत देखे होंगे, लेकिन एमपी के नर्मदापुरम के डीएम सोमेश मिश्रा जैसे अधिकारी कम ही देखे होंगे। बीते दिनों बैलगाड़ी की सवारी, बच्चों के खेल गिल्ली डंडा खेलने वाले आईएएस अधिकारी सोमेश मिश्रा का नया सादगी भरा अंदाज नजर आया है।उनकी कार्यशैली और सहजता की सभी तारीफ करते नजर आ रहे हैं।
एमपी के नर्मदापुरम में अपने देसी अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले कलेक्टर सोमेश मिश्रा का एक और सरल रूप सामने आया है। कभी बैलगाड़ी और गिल्ली डंडा खेलते नजर आने वाले कलेक्टर अब जमीन पर बैठकर महिलाओं के साथ मिट्टी की सीड बॉल बनाते दिखे। यही नहीं, उन्होंने वे एक समर्थत मूल्य खरीदी केंद्र पर खुद ही अनाज की बोरी उठाकर तौल कांटे पर रखते भी नजर आए। वहां मौजूद महिलाएं और किसान उनकी सरलता के मुरीद हो गए।
'नवांकुर अभियान' के तहत खुद बनाई सीड बॉल
दरअसल कलेक्टर सोमेश मिश्रा बीते दिनों जिले की ग्राम पंचायत रंढाल पहुंचे थे। वहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'नवांकुर अभियान' में हिस्सा लिया। यहां महिलाएं मिट्टी से सीड बॉल बना रहीं थी। कलेक्टर मिश्रा बिना किसी औपचारिकता की परवाह न करते हुए जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन और ग्रामीण आजीविका मिशन की 'प्रगति ग्राम संगठन' की महिलाओं के साथ जमीन पर नीचे बैठकर सीड बॉल बनाने लगे।
हाथों से मिट्टी-खाद लेकर सीड बॉल बनाएडीएम सोमेश मिश्रा ने खुद अपने हाथों से मिट्टी-खाद का मिश्रण तैयार किया और उसमें बीज डालकर गोले बनाए। कलेक्टर को अपने बीच इस तरह काम करते देख आजीविका मिशन की महिलाओं का उत्साह दोगुना हो गया।
तौल कांटे पर खुद रखी मूंग की बोरी
कलेक्टर मिश्रा नर्मदापुरम में समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन का शुभारंभ करने पहुंचे। यहां भी उनका एक बिल्कुल अलग रूप देखने को मिला। किसानों का हौसला बढ़ाने और उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर ने खुद मूंग से भरी एक बोरी उठाई और उसे तौल कांटे पर ले जाकर रखा। इसके पहले उन्होंने किसानों के साथ बैठकर तौल कांटे का विधिवत पूजन-अर्चन किया और मूंग उपार्जन की औपचारिक शुरुआत की थी।