आज से शिव भक्तों के लिए सजा काशी, होल्डिंग एरिया और 'त्रिनेत्र' कैमरों से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी, दशाश्वमेध पर प्रतिदिन अखंड भंडारा...
वाराणसी, न्यूज। काशी शहर सावन के महीने में बाबा विश्वनाथ के भक्तों और कांवरियों के स्वागत के लिए तैयार है। यह महीना आज 30 जुलाई से शुरू हुआ और 28 अगस्त तक चलेगा। पहला सोमवार 3 अगस्त को है, और इसके लिए शहर और मंदिर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं और कांवरियों का भारी हुजूम 2 अगस्त (रविवार) से उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
बाबा के दर्शन को आने वाले भक्तों के लिए भोजन-प्रसाद की भी उत्तम व्यवस्था की गई है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए वाराणसी पुलिस ने हाईटेक सुरक्षा प्लान तैयार किया है।
रेलवे स्टेशन पर होल्डिंग एरिया
वाराणसी कैंट स्टेशन पर एक विशाल होल्डिंग एरिया बनाया गया है जहां यात्री विश्राम कर सकते हैं। प्रयागराज से वाराणसी और औड़िहार के बीच विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सुलतानगंज, जसीडीह और देवघर जाने वाले भक्तों के लिए कई प्रमुख ट्रेनें उपलब्ध हैं। इसके अलावा, परिवहन निगम ने कांवर मार्गों पर 39 अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है।
दशाश्वमेध पर अखंड भंडारा
दशाश्वमेध में एक अखंड भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जो 30 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर में होगा। यह आयोजन स्थानीय सहयोगियों और समाजसेवियों द्वारा संचालित हो रहा है।
ड्रोन और 'त्रिनेत्र' से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के लिए वाराणसी पुलिस ने हाईटेक सुरक्षा प्लान तैयार किया है। शहर को 5 जोन और 15 सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान 5 आईपीएस, 50 राजपत्रित अधिकारियों और लगभग 5,000 पुलिसकर्मियों के हाथों में होगी। शहर के 70 प्रतिशत हिस्से पर 'त्रिनेत्र' प्रणाली, एआई कैमरों और 24 घंटे ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी।
बीएचयू विश्वनाथ मंदिर के नियम
बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दोपहर 1:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहेगा। महिलाओं, पुरुषों और बीएचयू के छात्रों व कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है।
सावन के दौरान रविवार, सोमवार और प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर रोक रहेगी। गंगा घाटों और प्रमुख सड़कों पर जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर निगरानी की जाएगी। कंट्रोल रूम के जरिए रेलवे स्टेशनों और मंदिर परिसर पर सतत नजर बनी रहेगी।