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काशी के आसमान में गूंजी लड़ाकू विमानों की गर्जना: नमो घाट पर होने वाले भव्य एयर शो का रिहर्सल शुरू, 3 जैगुआर विमानों ने भरा रोमांच...

काशी के आसमान में गूंजी लड़ाकू विमानों की गर्जना: नमो घाट पर होने वाले भव्य एयर शो का रिहर्सल शुरू, 3 जैगुआर विमानों ने भरा रोमांच...



वाराणसी | ब्यूरो रिपोर्टशनिवार की सुबह वाराणसी वासियों के लिए एक बेहद रोमांचक और चौंकाने वाला अनुभव लेकर आई। सुबह लगभग 11 बजे के बाद अचानक बनारस के आसमान में एक भारी और दिल दहला देने वाली गड़गड़ाहट गूंज उठी। यह आवाज़ किसी संकट की नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना (IAF) के शौर्य की थी।

आगामी 08 अक्टूबर 2026 में वाराणसी के नमो घाट पर होने वाले ऐतिहासिक और भव्य 'एयर शो' की तैयारियां अब धरातल पर उतर चुकी हैं, और आज की उड़ान इसी रिहर्सल का हिस्सा थी।

गंगा की लहरों के ऊपर तीन 'जैगुआर' विमानों का करतब शनिवार सुबह जब आसमान में बादलों का डेरा था, ठीक उसी समय वाराणसी एयरपोर्ट (बाबतपुर) से वायुसेना के तीन घातक जैगुआर (Jaguar) लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरी। विमानों ने जैसे ही बनारस शहर और गंगा की लहरों के ऊपर लो-पास फ्लाईपास्ट (कम ऊंचाई पर उड़ान) किया, पूरा जलीलपुर पड़ाव, नमो घाट और आस-पास का इलाका उनकी भारी गर्जना से कांप उठा। आसमान में बादलों की मौजूदगी के कारण विमानों की आवाज़ और अधिक गूंज रही थी, जिसने शहरवासियों के बीच कौतूहल और रोमांच पैदा कर दिया। विमानों ने पूरे शहर का चक्कर लगाते हुए अपनी तैयारियों को परखा।

वायुसेना के आला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

इस ऐतिहासिक आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए नमो घाट पर सुबह से ही एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी खुद मोर्चा संभाले हुए थे। अधिकारियों की टीम लगातार आसमान और विमानों के रूट की निगरानी कर रही थी। सुरक्षा कारणों के मद्देनजर नमो घाट और राजघाट पुल के आस-पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भी आसमान में वायुसेना के इस हैरतअंगेज रिहर्सल को देखा और उसकी सराहना की। तीन विमानों के सफल चक्कर के बाद आज के रिहर्सल को पूर्ण घोषित किया गया।


वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक के अनुसार, भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद एयर शो की पूरी रूपरेखा तय कर ली गई है। वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस (8 अक्टूबर 2026) के उपलक्ष्य में नमो घाट पर यह भव्य आयोजन होने जा रहा है।

इस एयर शो में वायुसेना के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान राफेल (Rafale) और आसमान में रंगों की कलाकृति उकेरने वाली प्रसिद्ध 'सूर्य किरण' (Surya Kiran) एरोबेटिक टीम समेत 100 से अधिक विमान शामिल होंगे।
यह पहला मौका है जब काशी में गंगा नदी के ऊपर इस स्तर का कोई सैन्य आयोजन हो रहा है।


इस भव्य एयर शो की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शामिल होने के लिए देश के प्रधानमंत्री, महामहिम राष्ट्रपति, तीनों सेनाओं के प्रमुख (Chiefs of Armed Forces), विभिन्न देशों के दूतावासों के अधिकारी और विदेशी मेहमान भी काशी आ सकते हैं। वाराणसी एयरपोर्ट पर इसके लिए अभी से विशेष तैयारियां और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का काम शुरू कर दिया गया है।

आगामी दिनों में भी वायुसेना के अलग-अलग लड़ाकू और मालवाहक विमान (जैसे C-17 ग्लोबमास्टर) इसी तरह के अभ्यास सत्रों के जरिए काशी के आसमान में अपनी ताकत और रूट को परखेंगे। 8 अक्टूबर को जब यह मुख्य आयोजन होगा, तब गंगा के घाटों पर जुटने वाले लाखों दर्शकों के साथ-साथ पूरी दुनिया भारतीय वायुसेना के इस अदम्य साहस को देखकर गर्व से सराबोर हो उठेगी।