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वाराणसी के महेशपुर में जीटी रोड पर सिक्स लेन बना लेकिन आज तक नहीं बना फुट ओवर ब्रिज और सुरक्षित कट...

वाराणसी के महेशपुर में जीटी रोड पर सिक्स लेन बना लेकिन आज तक नहीं बना फुट ओवर ब्रिज और सुरक्षित कट...

वाराणसी, न्यूज। विकास की रफ्तार जब मानवीय संवेदनाओं को कुचल दे तो वह राहत नहीं आफत बन जाती है। कुछ ऐसा ही प्रतिदिन का नजारा मंडुवाडीह वार्ड के महेशपुर जीटी रोड जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र का है। जहां सिक्स लेन सड़क स्थानीय लोगों व विशेष कर स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

सड़क के दोनों और रेलिंग तो लगा दी गई लेकिन लगभग दो किलोमीटर के दायरे में एक भी सुरक्षित यू टर्न कट या फुट ओवर ब्रिज नहीं बनाया गया। नतीजा हर दिन हजारों स्कूली बच्चों संग स्थानीय लोग रेलिंग फांदकर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से सड़क आर पार करने को मजबूर हैं।

ज्ञात हो कि महेशपुर में सिक्स लेन सड़क के दोनों तरफ आधा दर्जन से ज्यादा स्कूल है जहां हजारों बच्चे पढ़ते हैं। सुबह शाम जान हथेली पर रखकर स्कूल आते-जाते समय यह मासूम बच्चे अपनी किताबों के साथ-साथ मौत का डर भी ढोते हैं। इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ की लगभग 25 हजार की आबादी को भी रोजमर्रा के कामों के लिए सड़क आर पार करना पड़ता है।मजबूरी में लोग वाहनों के बीच से जान हथेली पर रखकर निकलते हैं। 

महेशपुर की रहने वाली तारकेश्वरी सिंह का कहना है कि आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं लेकिन जिम्मेदारों की नींद अभी तक नहीं खुली है।उन्होंने महेशपुर में फुट ओवर ब्रिज संग सुरक्षित यू टर्न कट बनाने की मांग की है। स्मिता ने बताया कि सिक्स लेन बनाने की प्लानिंग में ही बड़ी खोट है।

कार्यदायी संस्था ने चांदपुर बाटा मोड़ से लेकर बौलिया त्रिमुहानी के बीच पड़ने वाले महेशपुर के लगभग दो किलोमीटर के एरिया में पूरा लेन ही रेलिंग लगाकर बंद कर दिया है इससे आमजन की आवाजाही बाधित हो गई है। सड़क पार करने के लिए लोगों को या तो दो किलोमीटर से अधिक का चक्कर लगाना पड़ रहा है या फिर रेलिंग फांद कर जान जोखिम में डालकर सड़क पार करना पड़ रहा है।

साक्षी जायसवाल ने बताया कि बिना सुरक्षित यू टर्न कट व फुट ओवरब्रिज के बनाई गई सिक्स लेन सड़क उनके लिए विकास नहीं विनाश बन गई है दोनों तरफ का व्यापार चौपट हो गया है। नरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस संबंध में प्रकरण जिलाधिकारी वाराणसी, पुलिस कमिश्नर वाराणसी व एडीसीपी यातायात के संज्ञान में है।

बताया गया क‍ि सभी के द्वारा समस्या समाधान का आश्वासन तो मिला लेकिन नतीजा आज तक शून्य ही है। लोगों का कहना है कि सड़क पार करने के लिए दो किलोमीटर का चक्कर लगाना या प्रतिदिन मौत से सामना करना उनकी नियति ही बन गई है।