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सरकारी धन के गबन में फंसे अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, हाई लेवल जांच का आदेश...

सरकारी धन के गबन में फंसे अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, हाई लेवल जांच का आदेश...


लख़नऊ राज्य ब्यूरो। राम नगरी अयोध्या में मंदिर से चढ़ावा चोरी के बाद अब राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज से वित्तीय गबन का मामला सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के तहत गबन प्रकरण की जांच का आदेश दिया है।

अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने बीमारी के दौरान अवकाश पर रहते हुए वित्तीय अनियमितताएं कीं। बीमारी के नाम पर अवकाश पर रहने के दौरान उन्होंने सामान खरीद के जैम अनुबंधों पर साइन किए।

इसी अवधि में सवा करोड़ से अधिक के चेकों पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस संबंध में उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को शिकायती पत्र भेजा गया था। जिसके बाद उनको निलंबित कर महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के कार्यालय से सम्बद्ध किया गया।

डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने अयोध्या में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार किया। अब उन पर लगे सभी आरोपों की जांच महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा आईएएस अधिकारी नेहा शर्मा करेंगी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर शासन ने नेहा शर्मा को जांच सौंपी है।

डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने घोर भ्रष्टाचार किया, जो प्रारंभिक जांच में सामने आया है। उन कर वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप है। उन्होंने अवकाश पर रहते हुए Gem पोर्टल पर टेंडर पास किया और करोड़ों रूपये के पेमेंट के चेक पर सिग्नेचर भी कर दिया। अवकाश के दौरान अपना चार्ज दूसरे को दिया था, इसके बाद भी पेमेंट करते रहे। पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल ने उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था।
डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा से ही 21 सितंबर 2023 को चार्ज लिया था। इसी वर्ष चार जनवरी से 19 जनवरी 2023 के बीच अवकाश पर जाने का डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने चार्ज डॉ. सत्यजीत को न देकर डॉ. पारस खरबंदा को सौंपा था।

सरकारी धन के गबन का आरोप

आरोप है कि आठ से 10 जनवरी बीच ही 17 चेकों के जरिए एक करोड़ 28 लाख 90 हजार 990 रुपये के भुगतान भी करा दिए गए। पत्र में लिखा गया है कि 2.12 करोड़ से अधिक के सरकारी धन का व्यय किया गया। इस प्रकरण की शासन से शिकायत की गई है कि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने छुट्टी पर होते हुए भी सात व 10 जनवरी 2023 को करीब 84 लाख का जैम कांट्रैक्ट जारी किया।

आठ से दस जनवरी बीच ही 17 चेकों के जरिए एक करोड़ 28 लाख 90 हजार 990 रुपये के भुगतान भी करा दिए गए। इस पत्र में लिखा ही कि 2.12 करोड़ से अधिक के सरकारी धन का व्यय किया गया। यह प्रकरण सामने आने के बाद डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार को 16 जनवरी 2023 को पद से हटाने का आदेश दिया गया था। ऐसे में अवकाश पर रहने के दौरान भुगतान व जैम अनुबंध पर सवाल खड़े हो रहे हैं।संविदाकर्मी प्रभुनाथ मिश्र ने की थी आत्महत्या

इससे पहले अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुमार पर संविदाकर्मी प्रभुनाथ मिश्र को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगा था। इस मामले में डॉ ज्ञानेंद्र कुमार पर अयोध्या थाना कोतवाली मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच भी जारी है। डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार की वित्तीय अनियमिताओं और छुट्टी के दौरान जैम कांट्रैक्ट जारी करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।