सावन मास की तैयारियां अंतिम चरण में : श्री काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा, सुगम दर्शन की व्यापक व्यवस्था..Live प्रसारण की व्यवस्था...
वाराणसी, न्यूज। सावन के चारों सोमवारों पर बाबा विश्वनाथ के होंगे विशेष श्रृंगार, काशीवासियों को प्रतिदिन झांकी दर्शन की विशेष सुविधालाइव दर्शन, बेहतर भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारीसुरक्षा बलों के अतिरिक्त सहायता कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। वहीं, वृद्ध, अशक्त, दिव्यांगजन और बच्चों की सुविधा के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निःशुल्क गोल्फ कार्ट सेवा संचालित होगी।
यह निर्णय मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित सभागार (बोर्ड रूम) में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम एवं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि पूरे श्रावण मास के दौरान विशेष मांग (प्रोटोकॉल) के आधार पर दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। किसी भी प्रकार के विशेष दर्शन अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, विशिष्ट व्यक्तियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रोटोकॉल की अनुशंसा न भेजें तथा दर्शन के लिए केवल निर्धारित कतार व्यवस्था का पालन करें। साथ ही श्रद्धालुओं को दलालों और किसी भी प्रकार के प्रलोभन से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मंदिर प्रशासन ने विगत वर्षों की भीड़ के अनुभव को देखते हुए श्रावण मास में बैग, मोबाइल फोन, पेन तथा धातु की अन्य वस्तुओं के साथ मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे श्रावण मास में विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकीय टीमें तैनात रहेंगी तथा मंदिर की एंबुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
भीड़ के बीच बिछड़ने की घटनाओं को देखते हुए धाम परिसर में छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें शंकराचार्य चौक, गेट संख्या-1 (गंगा निकास द्वार), गेट संख्या-2 (सरस्वती फाटक), गेट संख्या-4 (मुख्य प्रवेश मार्ग), श्री काशी विश्वनाथ मंदिर घाट सहित अन्य निर्धारित स्थान शामिल हैं। इन केंद्रों पर परिवार से बिछड़े श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर ग्लूकोज़, ओआरएस घोल, सूक्ष्म जलपान, बिस्किट, टॉफी और चॉकलेट का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा पर्याप्त पेयजल काउंटर तथा गुड़ की भी समुचित व्यवस्था रहेगी।व्यवस्था प्रबंधन के लिए संपूर्ण धाम परिसर और गोदौलिया से मैदागिन तक केंद्रीयकृत लोक सूचना प्रणाली (पीए सिस्टम) संचालित रहेगी, जिससे आवश्यक सूचनाएं लगातार प्रसारित की जा सकें।
इसके साथ ही, गत वर्ष की भांति इस बार भी वृद्धजन, दिव्यांगजन, निशक्तजन तथा अत्यधिक भीड़ के कारण प्रत्यक्ष दर्शन से वंचित रह जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। भगवान श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी लाइव प्रसारित किए जाएंगे।