आज काशी विश्वनाथ मंदिर में मची अफरातफरी, PAC जवान की बंदूक से अचानक चली गोली, 3 लोग हुए घायल, चश्मदीदों ने बताया...
वाराणसी न्यूज। धर्मनगरी काशी के सबसे हाई-सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से शनिवार सुबह एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। मंदिर के गेट नंबर 4B (नंदू फारिया गली) के पास तैनात प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) के एक जवान की सरकारी बंदूक से अचानक दुर्घटनावश गोली चल गई। इस हादसे में वहां मौजूद तीन स्थानीय फूल विक्रेता मामूली रूप से घायल हो गए हैं।
गनीमत यह रही कि गोली सीधे किसी को नहीं लगी वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के तुरंत बाद वहां तैनात सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
कैसे हुआ हादसा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात पीएसी के एक कॉन्स्टेबल के हाथ से अचानक सरकारी कार्बाइन फिसल गई। जमीन पर गिरने के कारण कार्बाइन से दो राउंड गोलियां चल गईं। फर्श पर टकराने के बाद गोली के छर्रे और वहां पड़े पत्थरों के टुकड़े पास ही मौजूद तीन फूल विक्रेताओं को जा लगे। घायलों की पहचान स्थानीय दुकानदारों के रूप में हुई है, जिनमें से एक के हाथ, दूसरे की कमर और तीसरे के पैर में हल्की चोटें आई हैं। डीसीपी के अनुसार, तीनों में से कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है और सभी की हालत पूरी तरह ठीक है।
दुकानदार ने बताई आंखों देखी
हादसे में घायल हुए विकास यादव नामक फूल विक्रेता ने घटना की आंखों देखी बयां की।
विकास ने बताया, मैं अपनी फूलमाला की दुकान पर बैठा था, तभी अचानक तेज आवाज के साथ गोली चली। पीएसी का जवान अपनी कार्बाइन को पीछे की तरफ पकड़कर खड़ा था, तभी अचानक उससे फायरिंग हो गई। इसके बाद तुरंत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उस जवान को वहां से ले गए। पुलिसकर्मियों ने मौके से गोली के छर्रे भी बरामद किए हैं।
पुलिस कमिश्नरेट का बयान
वाराणसी के अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि शनिवार सुबह ड्यूटी पर तैनात जवान जब भीड़-भाड़ को नियंत्रित कर हटा रहे थे, उसी दौरान यह एक्सीडेंटल फायरिंग हुई। जमीन और पत्थरों से टकराकर छर्रे लगने के कारण तीन लोग जख्मी हुए थे। उन्हें तुरंत इमरजेंसी मेडिकल टीम की देखरेख में अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार और गहन परीक्षण के बाद दो लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को इस तकनीकी हादसे की रिपोर्ट भेज दी गई है।