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बनारस में वर्ष 1934 का वह क्र‍िकेट मैच ज‍िसने रखी थीं भारतीय क्र‍ि‍केट की बुन‍ियाद इस मैच को 14 रन से अंग्रेजों ने जीता था...

बनारस में वर्ष 1934 का वह क्र‍िकेट मैच ज‍िसने रखी थीं भारतीय क्र‍ि‍केट की बुन‍ियाद इस मैच को 14 रन से अंग्रेजों ने जीता था...

वाराणसी की यादें, न्यूज। बैलगाड़ी की धीमी चाल, सड़क किनारे से गुजरती हाथगाड़ियां और शहर की रोजमर्रा की रफ्तार के बीच लोगों का एक मैदान की ओर बढ़ना। करीब नौ दशक पहले बनारस की इस तस्वीर में न सिगरा था, न कोई आधुनिक स्टेडियम। इसके बावजूद शहर के पास अपना ऐसा मैदान था, जहां बड़े क्रिकेट मुकाबले होते थे और देश-विदेश की टीमें खेलने पहुंचती थीं। ऐसा ग्राउंड जिसे उस दौर का आम बनारसी राजा साहब का मैदान और अंग्रेज महाराजा आफ बनारस पैलेस ग्राउंड के नाम से जानते थे।

1934 से दर्ज हुआ प्रथम श्रेणी क्रिकेट का इतिहास

महाराजा आफ बनारस पैलेस ग्राउंड पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट का रिकार्ड 1934 से मिलता है। इसी वर्ष महाराज कुमार आफ विजयानगरम, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में विज्जी के नाम से जाना जाता था, महाराजकुमार आफ विजयानगरम इलेवन ने मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के खिलाफ मुकाबला खेला।

विजयानगरम की महाराजकुमार आफ विजयानगरम इलेवन ने यह मुकाबला 14 रन से जीता था। विज्जी 1926 में अपनी क्रिकेट टीम बना चुके थे और भारत के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों के खिलाड़ियों को भी इससे जोड़ रहे थे। बनारस उनकी क्रिकेट गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा। यही वह दौर था, जब रियासतों के संरक्षण में क्रिकेट आगे बढ़ रहा था और खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं था, बल्कि प्रतिष्ठा और पहचान से भी जुड़ा था।

1940 में बिना खेले मिला वाकओवर

चार फरवरी 1940 को इसी मैदान पर यूनाइटेड प्रोविंसेज और हैदराबाद के बीच रणजी ट्राफी सेमीफाइनल होना था। निर्धारित तारीख पर हैदराबाद की टीम मैदान पर नहीं पहुंची। इसके चलते यूनाइटेड प्रोविंसेज को वाकओवर मिला और बिना टास के ही उसे विजेता घोषित कर दिया गया। इस मुकाबले का परिणाम उस दौर के रणजी ट्राफी इतिहास के उन दुर्लभ प्रसंगों में शामिल है, जिसमें मैदान पर गेंद डाले बिना ही सेमीफाइनल का फैसला हो गया।

1942 में बंगाल ने बनाया 473 रन का स्कोर

10 से 12 जनवरी 1942 के बीच महाराजा आफ बनारस पैलेस ग्राउंड पर यूनाइटेड प्रोविंसेज और बंगाल के बीच रणजी ट्राफी का मुकाबला हुआ। यह मैच ड्रा रहा। बंगाल ने पहली पारी में 142.4 ओवर में 10 विकेट पर 473 रन बनाए। अमिया देब ने 128 और शिशिर मुस्तफी ने 101 रन की शतकीय पारियां खेलीं। जवाब में यूनाइटेड प्रोविंसेज की टीम ने पहली पारी में 426 रन बनाए। बंगाल को पहली पारी में 47 रन की बढ़त मिली और मुकाबला ड्रा पर समाप्त हुआ।

क्रिकेट के साथ फुटबाल का भी केंद्र था 

महाराजा आफ बनारस पैलेस ग्राउंड केवल क्रिकेट का मैदान नहीं था। यहां फुटबाल और अन्य खेलों के आयोजन भी होते थे। इस कारण इसकी पहचान उस दौर के बहुउद्देश्यीय खेल केंद्र के रूप में बनी। 

जब काशी में आज की तरह अलग-अलग खेलों के लिए आधुनिक स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्र नहीं थे, तब ऐसे मैदान शहर की खेल गतिविधियों के प्रमुख ठिकाने थे। क्रिकेट के प्रथम श्रेणी मुकाबलों के साथ फुटबाल के आयोजन भी इस मैदान को काशी के खेल जीवन से जोड़े रखते थे।