आज 2 से 7 रुपये किलो तक बिक रहा है आलू, वाराणसी की पहड़िया थोक-फुटकर मंडी में औंधे मुंह गिरा भाव...
वाराणसी, न्यूज। पहड़िया मंडी में इस वर्ष आलू के दाम औंधे मुंह गिर गए हैं। स्थिति यह है कि सामान्य आलू थोक में दो से सात रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। बिक्री कम होने और भाव में लगातार गिरावट से कोल्ड स्टोर में आलू रखने वाले किसान, व्यापारी और आढ़ती सभी परेशान हैं। कारोबारियों का कहना है कि इससे पहले इस सीजन में आलू के भाव में ऐसी गिरावट नहीं देखी गई थी।
पहड़िया मंडी के थोक आलू विक्रेता ओमप्रकाश सोनकर, रवि सिंह और पंकज जायसवाल ने बताया कि इस समय मंडी में फर्रुखाबाद, कन्नौज, मैनपुरी और आगरा क्षेत्र से आलू आ रहा है। इस वर्ष स्थिति काफी खराब है। जिन किसानों ने अपना आलू कोल्ड स्टोर में रखा था, वे कीमत कम होने के कारण उसे निकालने नहीं पहुंच रहे हैं।
साथ ही बताया कि कोल्ड स्टोर संचालक भी अब स्टोर खाली कराने के लिए मजबूरी में आलू मंडियों में भेज रहे हैं। कई किसानों और कारोबारियों को आलू बेचकर मुश्किल से ट्रांसपोर्ट भाड़ा और कोल्ड स्टोर में रखने का किराया निकल पा रहा है। मंडी में बढ़िया सफेद आलू पांच से सात रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि हॉलैंड प्रजाति का लाल आलू 11 से 12 रुपये प्रति किलो है।
सिंदूरी और कंचन प्रजाति का लाल आलू सात से आठ रुपये किलो बिक रहा है। कारोबारियों के अनुसार पिछले वर्ष इसी सीजन में आलू 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक बिका था। भाव में भारी गिरावट का असर आवक और बिक्री पर भी पड़ा है।
पहड़िया मंडी पहुंचा बेंगलुरु का नया आलू
वाराणसी पहड़िया मंडी में इस सीजन का नया आलू पहुंच गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी नए आलू की पहली खेप बेंगलुरु से मंडी में आई है। नए आलू के आने से बाजार में इसकी बिक्री शुरू हो गई है। हालांकि फिलहाल इसकी आवक बहुत सीमित है।
मंडी में थोक नया आलू मंगाने वाले व्यापारी ओमप्रकाश सोनकर ने बताया कि बेंगलुरु से आए नए आलू की शुरुआती थोक कीमत 32 से 35 रुपये प्रति किलो है। वहीं फुटकर बाजार में यही आलू 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है।
वर्तमान में मंडी में करीब एक पिकअप नए आलू की खपत हो रही है। मांग बढ़ने के अनुसार इसकी और खेप मंगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ से भी नया आलू मंडी में पहुंचने लगेगा। इसके बाद नए आलू की आवक बढ़ेगी और कीमतों में भी कमी आने की संभावना है।
नुकसान की बनी हुई है आशंका
पहड़िया मंडी में जहां पहले बड़ी मात्रा में आलू की खरीद-बिक्री होती थी, वहीं अब प्रतिदिन महज सात से दस गाड़ियों का कारोबार रह गया है। स्थिति यह है कि कम दाम के कारण कई कारोबारियों का ट्रांसपोर्ट भाड़ा निकालना भी मुश्किल हो गया है। मंडी में अधिक दिनों तक पड़े रहने से काफी मात्रा में आलू सड़ने भी लगा है। जिससे नुकसान और बढ़ने की आशंका बताई जा रही है।