शामली फुरकान एनकाउंटर !! 23 सालों से फैला रखा था जुर्म का जाल, पुलिस पर एक घंटे तक छिपकर चलाता रहा गोली...
शामली, क्राइम न्यूज। झिंझाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान ढेर हुआ एक लाख का इनामी बदमाश फुरकान कोई आम अपराधी नहीं था, बल्कि पिछले 23 सालों से कानून व्यवस्था के लिए खुली चुनौती बना हुआ था। वर्ष 2003 में अपराध की दुनिया में पहला कदम रखने वाले फुरकान ने बीते दो दशकों से अधिक समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में खौफ और दहशत का साम्राज्य खड़ा कर रखा था। उसके आपराधिक रिकार्ड पर नजर डालें तो उस पर शामली, सहारनपुर और बागपत जिलों के अलग-अलग थानों में कुल 30 गंभीर मामले दर्ज थे।
फुरकान ने वर्ष 2003 में कैराना क्षेत्र से लूटपाट, डकैती, जानलेवा हमले और अवैध असलहा रखने की घटनाओं से अपने आपराधिक सफर की शुरुआत की थी। वर्ष 2004 में उसने कैराना में पहली हत्या की घटना को अंजाम दिया, जिसके बाद पुलिस रिकार्ड में उसका नाम खूंखार अपराधियों की फेहरिस्त में शामिल हो गया।
समय के साथ वह मुकीम काला गैंग का सक्रिय शूटर बन गया और व्यापारियों से रंगदारी वसूलने का काम देखने लगा। फुरकान के आपराधिक इतिहास में रंगदारी वसूलने और धमकियां देने के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
वर्ष 2014 में उसने कैराना में व्यापारियों की हत्या और जानलेवा हमलों की कई घटनाओं को अंजाम दिया, जिससे पूरे इलाके में खौफ का माहौल बन गया था। इसके अलावा उस पर पुलिस टीम पर हमला करने, कस्टडी से भागने व सरकारी काम में बाधा डालने के मामले भी दर्ज थे।
केवल कैराना ही नहीं, बल्कि वर्ष 2007 और 2013 में बागपत के बड़ौत व खेकड़ा तथा वर्ष 2012 में सहारनपुर के मंडी थाने में भी उस पर लूट और पुलिस मुठभेड़ के मामले दर्ज हुए थे। दो दशकों से अधिक लंबे आपराधिक इतिहास में फुरकान लगातार घटनाओं को अंजाम देता रहा।
उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हुए, जिनमें उसे 10 साल की सजा भी हुई थी। हाल ही में वर्ष 2025 और 2026 में भी उस पर कांधला व कैराना थानों में नए आपराधिक मामले दर्ज हुए थे।
लगातार 23 वर्षों तक हत्या, रंगदारी, लूट और जानलेवा हमलों के जरिये इलाके को दहलाने वाले इस इनामी बदमाश ने अंतिम समय में मुठभेड़ के दौरान करीब एक घंटे तक बच-बचकर पुलिस से सामने लिया, आखिर में पुलिस की एक गोली से बदमाश का अंत हो गया। साथ ही आपराधिक साम्राज्य के एक लंबे अध्याय का अंत हो गया।