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प्रयागराज में छात्रों के कार्यक्रम विवाद पर BJP का बयान- ''राहुल गांधी छोटी राजनीति कर संसद में बहस से बच रहे हैं''...

प्रयागराज में छात्रों के कार्यक्रम विवाद पर BJP का बयान- ''राहुल गांधी छोटी राजनीति कर संसद में बहस से बच रहे हैं''...

प्रयागराज, न्यूज। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद को नज़र अंदाज़ करने, "छोटी राजनीति" करने और सदन में बहस से भागने का आरोप लगाया। यह बयान तब आया जब कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने प्रयागराज के KP ग्राउंड में 8 अगस्त को होने वाले गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की मंज़ूरी रद्द कर दी है। ट्रस्ट ने इसके लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश और कार्यक्रम स्थल पर जलभराव का हवाला दिया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता को इस कार्यक्रम में छात्रों के साथ कथित पेपर लीक और उनसे जुड़े अन्य मुद्दों पर बातचीत करनी थी। BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि गांधी संसद से बच रहे हैं और सदन में बहस के लिए तैयार न होने पर उन्हें "मानसिक रूप से दिवालिया" बताया। तरुण चुघ ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, "जब संसद का सत्र चल रहा है, तब आप छोटी राजनीति के लिए देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था को नज़र अंदाज़ कर रहे हैं। आप सदन में आकर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर बहस में हिस्सा लेने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे पता चलता है कि आप मानसिक रूप से दिवालिया हो गए हैं।"

तरूण चुघ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बहस से भाग रही है क्योंकि उसके पास "न तो कोई मुद्दा है और न ही कोई तर्क" और दावा किया कि अगर चर्चा होती है तो उसके "झूठ और गुमराह करने वाले नैरेटिव" का पर्दाफ़ाश हो जाएगा। चुघ ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक फ़ायदे के लिए छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को "हाईजैक" करने की कोशिश कर रही है और दावा किया कि पार्टी के पास झारखंड के छात्रों के लिए भी समय नहीं है। 

चुघ ने कहा, "छात्र संघर्ष कर रहे हैं और मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के तथाकथित बुद्धिजीवी नेता और कमज़ोर समझ वाले राहुल गांधी के पास उनकी पीड़ा और तकलीफ़ को सुनने या समझने के लिए एक मिनट भी नहीं है। यह कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के दोहरे मापदंडों को दर्शाता है।" उन्होंने कहा, "देश देख रहा है कि कैसे कांग्रेस छात्रों के नाम पर राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाती है। वह बसों में भरकर आकर विरोध प्रदर्शन को हाईजैक करने की भी कोशिश करती है। फिर भी उसके पास झारखंड के छात्रों के लिए समय नहीं है। यह कांग्रेस पार्टी के दोहरे चरित्र और दोहरे मापदंडों को दिखाता है।"