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जब चिता को दी गई मुखाग्नि, सिसक उठा पूरा पूर्वांचल, जनसैलाब ने कहा-आज अपना नेता बिछड़ गया...

जब चिता को दी गई मुखाग्नि, सिसक उठा पूरा पूर्वांचल, जनसैलाब ने कहा-आज अपना नेता बिछड़ गया...

रसड़ा, बलिया न्यूज। पूर्वांचल की राजनीति का एक मजबूत स्तंभ शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गया. बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक और रसड़ा से लगातार तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह को बलिया के बयासी घाट पर पूरे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम विदाई दी गई. जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी गई, घाट पर मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं.कई समर्थक फूट-फूटकर रो पड़े और माहौल "उमाशंकर सिंह अमर रहें" के नारों से गूंज उठा।

खनवर से निकली अंतिम यात्रा, सड़कें बनीं श्रद्धांजलि का सैलाब

उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव खनवर से शुरू हुई. पार्थिव शरीर को फूलों से सजे शव वाहन में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. यात्रा चिलकहर, फेफना, माल्देपुर, चित्तू पांडेय चौराहा, कदम चौराहा सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बयासी घाट पहुंची. पूरे रास्ते लोग सड़क किनारे खड़े होकर पुष्पवर्षा करते रहे. हजारों कारों, ट्रैक्टरों और बाइकों का लंबा काफिला अंतिम यात्रा के साथ चलता रहा।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

हर आंख नम, हर जुबां पर एक ही बात-'आज अपना नेता बिछड़ गया'

अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के चेहरे पर गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था. बुजुर्ग हों, युवा हों या महिलाएं, हर कोई अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचा था. समर्थकों का कहना था कि उमाशंकर सिंह केवल विधायक नहीं, बल्कि हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले जननेता थे. लोगों की जुबां पर एक ही बात थी-"आज अपना नेता बिछड़ गया।"

एआईएमआईएम नेताओं ने दी श्रद‍‍्धांजलि

राजनीतिक सीमाएं टूटीं, श्रद्धांजलि देने उमड़े सभी दलों के नेता

अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में आम लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि उमाशंकर सिंह का प्रभाव पार्टी की सीमाओं से कहीं आगे तक था।

चार बार विधायक बने, जनता के बीच बनाई अलग पहचान

उमाशंकर सिंह ने रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वह बहुजन समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश विधानसभा के इकलौते विधायक बने थे. क्षेत्र के विकास, जनसंपर्क और सहज व्यवहार के कारण उन्होंने अलग पहचान बनाई थी।

उमड़ पड़ा जनसैलाब

पूर्वांचल की राजनीति में छोड़ गए बड़ी रिक्तता

उमाशंकर सिंह के निधन से न केवल बलिया बल्कि पूरे पूर्वांचल की राजनीति में शोक की लहर है. अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह रही कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के बीच कितना गहरा विश्वास और सम्मान अर्जित किया था. बयासी घाट पर उठती चिता की लपटों के साथ एक जनप्रिय नेता पंचतत्व में विलीन हो गया, लेकिन समर्थकों का कहना था कि "नेता चला गया, लेकिन उसकी यादें और जनसेवा की मिसाल हमेशा जिंदा रहेगी।"