नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद मृतकों की आत्मा की शांति व पर्यटकों की सकुशल वापसी के लिए काशी में हुआ विशेष अनुष्ठान...
वाराणसी, न्यूज। काशी में सुदामापुर स्थित इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर काली अवेयरनेस के आश्रम में एक दिवसीय अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इस दौरान ब्राह्मण हाथों में पोस्टर लेकर नेपाल में आई आपदा से प्रभावित लोगों की सलामती और शांति के लिए प्रार्थना करते नजर आए।
अनुष्ठान में प्रार्थना की गई कि नेपाल में बाढ़ के कारण जिन लोगों की जान गई, उनकी आत्मा को शांति मिले। जो लोग घायल या अस्वस्थ हैं, वे जल्द स्वस्थ हों और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिले। ब्राह्मणों ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ की नगरी से नेपाल में भगवान पशुपतिनाथ की नगरी के लिए यह शांति प्रार्थना और अनुष्ठान किया जा रहा है।
भारत और नेपाल के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को देखते हुए इस आपदा की घड़ी में नेपालवासियों के साथ आध्यात्मिक एकजुटता का संदेश भी दिया गया। अनुष्ठान के दौरान नेपाल और काठमांडू में फंसे भारतीय पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी विशेष प्रार्थना की गई। ब्राह्मणों ने मां काली, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा और संकट मोचन महाराज से सभी भारतीयों के सकुशल भारत लौटने की कामना की।
पंडित हरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए आश्रम में विशेष प्रार्थना की गई है। उन्होंने कहा कि मृतकों की आत्मा की शांति, अस्वस्थ लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने और अपने परिवारों को खोने वाले लोगों को इस दुख की घड़ी में शक्ति मिलने की कामना की गई।
उन्होंने कहा कि नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों की जल्द और सुरक्षित भारत वापसी के लिए भी मां श्यामा काली, बाबा विश्वनाथ और संकट मोचन महाराज से विशेष प्रार्थना की गई। इस अनुष्ठान ने न केवल नेपाल में आई आपदा के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाया, बल्कि भारत-नेपाल के बीच गहरे धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी उजागर किया।