देवाधिदेव महादेव के पावन श्रावण महीने में गंगा तट से काशी के लिए निकले कड़ा धाम के शिव भक्त...
देवाधिदेव महादेव के पावन श्रावण महीने में कड़ा धाम से कई वर्षों की परंपरा का निर्वहन करते हुए शिव भक्त शनिवार को भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाने के लिए काशी रवाना हुए। शनिवार करीब दो बजे शिव भक्त के कालेश्वर घाट पहुंचे।
यहां मां गंगा के पावन जल में स्नान-पूजन के बाद शिवभक्तों ने कांवर में गंगाजल भरा और जयकारे लगाते हुए भगवान शिव की झांकी के साथ मां शीतला के दरबार पहुंचे। मां शीतला का दर्शन पूजन कर कुंड में गंगाजल अर्पित किया और माता का आशीर्वाद लेते हुए तीर्थ पुरोहित निर्मल पंडा व अलबेला पंडा के नेतृत्व में पैदल काशी रवाना हुए।
डीजे की धुन पर नाचते-गाते जा रहे शिवभक्तों को कड़ा धाम चौराहे तक परिजन, महिलाएं उन्हें विदा करने पहुंचे। लोगों ने कांवरियों का उत्साह वर्धन करते हुए यात्रा मंगलमय होने की कामना की। कड़ा धाम से टेढ़ी मोड़, सैनी होते हुए गुलामीपुर आदि स्थानों तक जगह-जगह कांवरियों का जल पान से स्वागत किया गया।
गुलामीपुर में धामवासियों और शिव भक्तों ने कांवरियों को प्रसाद व भोजन कराया।
जीपीएस इंटर कॉलेज के प्रबंधक रमेश साहू समेत क्षेत्रीय लोगों ने भी कई स्थानों पे कांवरियों कों जलपान कराकर स्वागत किया। यात्रा के दौरान कड़ाधाम पुलिस कांवरियों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहा।
तीर्थ पुरोहित अलबेला पंडा ने बताया कि धाम क्षेत्र से सभी कांवरिये नंगे पैर करीब सात से आठ दिन में काशी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ को गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद भंडारा कर परिवार, क्षेत्र, जनपद और देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।